कुप्रशासन का एपिसेंटर बना एमपी, राहुल गांधी ने कहा, जहरीले पानी से लोगों की मौत और कहते हैं फोकट सवाल नहीं
जब जब गरीबों की मौतें होती हैं, पीएम मोदीजी खामोश हो जाते हैं
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं— और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने उन्हें घमंड परोस दिया।
यह आरोप लगाए हैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर के दूषित पानी कांड पर। राहुल गांधी ने इंदौर के दूषित पानी वाले मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए इंदौर के नेताओं पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने सवाल उठाए कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की। फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
राहुल गांधी ने उठाए ये सवाल :
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उन्होंने कहा कि सीवर का पानी पीने के पानी में कैसे मिला?
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समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई?
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जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
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ये फोकट सवाल नहीं- ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है।
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इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन
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उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है।
कुप्रशासन का एपिसेंटर बना एमपी : राहुल गांधी ने कहा कि मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है। कहीं खांसी की सिरप से मौतें। कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर आम लोगों की मौतें। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर भी हमला बोला और कहा कि जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।
कैलाश विजयवर्गीय पर कसा तंज : राहुल गांधी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंदौर प्रशासन ने बांट दिया जहरीला पानी और प्रशासन सो रहा कुंभकर्णी नींद।
Edited By: Navin Rangiyal