Publish Date: Sat, 30 May 2026 (08:38 IST)
Updated Date: Sat, 30 May 2026 (09:14 IST)
Mumbai CNG Price Hike महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी के दाम 2 रुपए प्रति किलो बढ़ाने का फैसला किया है। इसके बाद मुंबई में सीएनजी का दाम 84 रुपए से बढ़कर 86 रुपए प्रति किलो हो गया। वहीं घरेलू पाइप गैस PNG भी 50 पैसे प्रति एससीएम महंगी हो गई है।
MGL के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र में करीब 12 लाख से अधिक वाहन सीएनजी पर चल रहे हैं। एमजीएल मुंबई के साथ ही ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, लातूर और उस्मानाबाद में सीएनजी की सप्लाई करता है। फैसले से इन सभी स्थानों पर सीएनजी पर निर्भर सार्वजनिक परिवहन का परिचालन महंगा हो जाएगा।
इससे पहले मुंबई में सीएनजी की कीमतों में आखिरी बार 14 मई को बदलाव किया गया था, उस समय भी इसके दाम 2 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ाए गए थे। दिल्ली NCR में भी मई में सीएनजी की कीमतें कुल चार बार बढ़ाई जा चुकी हैं। मुंबई में अभी पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97.83 रुपए है।
सीएनजी और पीएनजी महंगी होने के मुख्य कारण
महंगी आयातित गैस पर निर्भरता : घरेलू गैस कम मिलने के कारण कंपनियों को मांग पूरी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगी एलएनजी (LNG) आयात करनी पड़ती है। जब इनपुट कॉस्ट (लागत) बढ़ती है, तो कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं।
सप्लाई और ऑपरेशनल कॉस्ट: गैस को ट्रांसपोर्ट करने, पाइपलाइन नेटवर्क को बनाए रखने और अन्य परिचालन खर्चों (Operational Costs) में बढ़ोतरी भी कीमतों को प्रभावित करती है।
आम लोगों पर क्या होगा इसका असर?
ऑटो, टैक्सी और कैब का सफर होगा महंगा : मुंबई जैसे शहरों में लगभग सभी ऑटो, काली-पीली टैक्सी और ऐप-आधारित कैब्स (Ola/Uber) सीएनजी पर चलती हैं। सीएनजी के दाम बढ़ने से इन गाड़ी चालकों की रोजाना की लागत बढ़ जाएगी। बेस्ट (BEST) की कई बसें और भारी कमर्शियल वाहन सीएनजी पर चलते हैं। ईंधन के दाम बार-बार बढ़ने से इन परिवहन निकायों पर वित्तीय दबाव बढ़ता है, जिससे अंततः जनता के लिए बस टिकट महंगे होने का खतरा बढ़ जाता है।
रसोई का बजट बिगड़ेगा : घरेलू पीएनजी (पाइप वाली रसोई गैस) के दाम 50 पैसे बढ़ने से सीधे तौर पर घरों का मासिक बजट प्रभावित होगा। हालांकि यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती महंगाई के बीच यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अतिरिक्त बोझ है।
लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सर्विसेज पर असर : कॉमर्स डिलीवरी, क्विक कॉमर्स (जैसे Blinkit, Zepto, Swiggy, Zomato) और लोकल कूरियर सर्विसेज में बड़े पैमाने पर सीएनजी वाहनों का उपयोग होता है। ईंधन महंगा होने से डिलीवरी कॉस्ट बढ़ सकती है, जिसका अंतिम असर ग्राहकों को मिलने वाली सर्विसेज या सामान की कीमतों पर पड़ सकता है।
edited by : Nrapendra Gupta
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