Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

हिंदू कैदी के प्‍यार में पड़ी मुस्‍लिम जेलर, उम्रकैद की सजा के बाद की शादी, हिंदू संगठन ने किया कन्यादान

Advertiesment
Firoza Khatoon
कहते हैं कि प्‍यार कोई हद नहीं जानता। प्रेमी हर हद को पार कर जाते हैं। वो न जात देखता है न धर्म। ऐसा ही गजब लव स्टोरी का एक मामला सामने आया है। खबर है मध्‍यप्रदेश के सतना जिले की। फिरोजा खातून सतना जेल में सहायक जेलर हैं। उनका दिल इसी जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष पर आ गया। दोनों में दोस्‍ती हुई, प्‍यार हुआ और शादी कर ली। ये गजब लव स्टोरी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। दुल्‍हन मुस्‍लिम और दूल्‍हा हिंदू होने की वजह से यह कहानी और ज्‍यादा दिलचस्‍प हो गई है।

जेल में हुई दोनों की मुलाकात : दरअसल, केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ मुस्लिम महिला अधिकारी फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र से हुई थी। जेल में महिला अधिकारी वारंट इंचार्ज थी, वहीं सजा काट रहा युवक वारंट का काम करता था। यहां दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, फिर प्यार परवान चढ़ा। दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया। शादी पूरी तरह से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई।

फिरोजा का परिवार था खिलाफ लेकिन : धर्मेंद्र सिंह मूल रूप से छतरपुर जिले के लिए के रहने वाले हैं। 2007 में वह हत्या के मामले में जेल गए थे। चार साल पहले सजा खत्म होने के बाद उनकी रिहाई हो गई। इसके बाद भी सहायक जेलर फिरोजा खातून से प्यार बना रहा। फिरोजा के परिवार वाले धर्म की वजह से शादी के लिए तैयार नहीं थे। धर्मेंद्र सिंह हिंदू हैं और फिरोजा खातून मुस्लिम है। ऐसे में यह रिश्ता इतना आसान नहीं था। फिरोजा ने अपने परिवार के विरोध के बीच धर्मेंद्र सिंह से शादी करने का फैसला फैसला किया है। धर्मेंद्र के परिवार की मौजूदगी में पांच मई को छतरपुर जिले के लवकुशनगर में दोनों की शादी हुई है। यह शादी पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाज से हुई है।

हिंदू संगठन ने किया कन्‍यादान : सवाल था कि फिरोजा का कन्‍यादान कौन करेगा। क्‍योंकि फिरोजा खातून के परिवार से कोई नहीं आया था। पिता उनसे नाराज हैं, इसलिए कन्‍यादान की रस्‍म सतना में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने अपनी पत्नी के साथ निभाई है। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में बजरंग दल से जुड़े लोग मौजूद रहे हैं।

क्‍यों हुई थी धर्मेंद को सजा : छतरपुर जिले के चंदला के रहने वाले हैं धर्मेंद्र सिंह पर हत्‍या का आरोप था। 2007 में चंदला नगर परिषद कृष्णादत्त दीक्षित की हत्या हुई थी। इसी हत्या के मामले में धर्मेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा हुई थी। वे सतना सेंट्रल जेल में बंद थे। इसी दौरान सहायक जेलर फिरोजा और उनके बीच प्‍यार हो गया था।Edited By: Naveen R Rangiyal

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कच्चा तेल 100 डॉलर से नीचे: चांदी 2.59 लाख और सोना 1.53 लाख रुपए पार