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Chicken neck पर बयानबाजी, घटोत्कच और हिडिंबा का उल्लेख कर नागालैंड के मंत्री टेमजेन इम्ना अलोंग ने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को क्यों दी चेतावनी

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 (18:47 IST)
नागालैंड के मंत्री टेमजेन इम्ना अलोंग ने भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ को काटने की बात करने वाले बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पूर्वोत्तर की जनजातीय समुदाय 'गला या गर्दन काटने' जैसी वास्तविकताओं से भली-भांति परिचित हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश में कुछ कट्टर तत्व भारत के पूर्वोत्तर को देश से जोड़ने वाले इस संवेदनशील कॉरिडोर को लेकर राजनीति गरमा रहे हैं।
‘चिकन नेक’ उत्तर बंगाल में लगभग 22 किलोमीटर चौड़ी भूमि पट्टी है, जो भारत के बाकी हिस्सों को उसके सात पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ती है। यह गलियारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और चीन के बीच स्थित है। यह बयान ऐसे समय आया था, जब बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने चीन दौरे के दौरान भारत के ‘लैंडलॉक्ड’ पूर्वोत्तर का जिक्र करते हुए ढाका को क्षेत्र के लिए ‘समुद्र का एकमात्र संरक्षक’ बताया था। 

कट्टरपंथी तत्वों को खुली चुनौती देते हुए टेमजेन ने महाभारत के पात्र घटोत्कच और हिडिंबा का उल्लेख किया और पूर्वोत्तर की शक्ति व जिजीविषा को रेखांकित किया। महाभारत के अनुसार घटोत्कच और हिडिंबा का संबंध पूर्वोत्तर से था। हिडिंबा, जो भीम की पत्नी और घटोत्कच की माता थीं, असम और नागालैंड की दिमासा जनजाति से थीं।
नागालैंड मंत्री की सख्त चेतावनी
बेबाक बयान देने वाले नागालैंड मंत्री ने कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने की कोई भी कोशिश गंभीर भूल होगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमारी ताकत नहीं देखी है। अगर उन्होंने घटोत्कच और हिडिंबा को नहीं देखा है, तो उनका स्वागत है। हम दिखा देंगे कि हम क्या कर सकते हैं। टेमजेन राज्य के भाजपा अध्यक्ष भी हैं।
मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग इस क्षेत्र की भौगोलिक वास्तविकताओं को बाहरी लोगों से कहीं बेहतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक गला या गर्दन काटने की बात है, इन हकीकतों को हमसे बेहतर कोई नहीं समझता।  टेमजेन ने यह भी कहा कि ‘चिकन नेक’ शब्द काफी हद तक मीडिया की देन है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए कोई चिकन नेक नहीं है। हम भारत से मज़बूती से जुड़े हैं और पूर्वोत्तर के लोग गर्वित भारतीय हैं। 
 
हालांकि, 'गला काटने' वाली टिप्पणी यूं ही नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ भी है। नागा समाज में 1960 के दशक तक प्रचलित ‘हेडहंटिंग’ परंपरा में युद्ध के दौरान दुश्मनों के सिर युद्ध-ट्रॉफी के रूप में लिए जाते थे। इतिहासकार तुइसेम नगाकांग के अनुसार, यह कोई खेल नहीं था और नागा समुदाय ईश्वर की हस्तक्षेप में गहरी आस्था रखता था।
‘हम बांग्लादेश के दोनों चिकन नेक्स पर वार करेंगे’
टेमजेन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बाद पूर्वोत्तर के दूसरे नेता हैं जिन्होंने ‘चिकन नेक’ पर भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर बांग्लादेश को चेताया है। मई में सरमा ने कहा था कि जहां भारत के पास एक चिकन नेक है, वहीं बांग्लादेश के पास दो हैं।
 
सरमा ने कहा था कि अगर बांग्लादेश हमारे चिकन नेक पर हमला करता है, तो हम बांग्लादेश के दोनों चिकन नेक्स पर हमला करेंगे। मेघालय के पास चटगांव बंदरगाह को जोड़ने वाला चिकन नेक भारत के मुकाबले और भी पतला है और बहुत नजदीक स्थित है।  हाल के दिनों में बांग्लादेश के छात्र नेताओं ने भी बयानबाजी तेज की है। इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने 'सेवन सिस्टर्स' को अलग-थलग करने और बांग्लादेश में अस्थिरता की स्थिति में पूर्वोत्तर के अलगाववादियों को शरण देने की धमकी दी थी। Edited by: Sudhir Sharma

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