Publish Date: Fri, 20 Feb 2026 (13:13 IST)
Updated Date: Fri, 20 Feb 2026 (13:16 IST)
Gaza Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में भारत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। भारतीय राजनयिक नामग्या सी. खंपा ने इस हाई-प्रोफाइल बैठक में 'ऑब्जर्वर' के तौर पर हिस्सा लेकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
वॉशिंगटन डीसी स्थित 'डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' में आयोजित इस बैठक ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। जहां एक तरफ न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक होनी थी, वहीं ट्रंप ने उसी समय 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक बुलाकर अपनी ताकत का अहसास कराया।
बोर्ड में 27 देश शामिल
हालांकि भारत इस बोर्ड का सीधा सदस्य नहीं बना है, लेकिन वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास की प्रभारी नामग्या सी. खंपा ने निरीक्षक (Observer) के तौर पर इसमें शिरकत की। यह कदम दर्शाता है कि भारत हर महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर अपनी नजर बनाए रखना चाहता है। ट्रंप ने इस बोर्ड के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम राशि की घोषणा की है। पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, अर्जेंटीना और हंगरी जैसे 27 देश इस नई पहल का हिस्सा हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने की आलोचना
इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ खुद शामिल हुए। दिलचस्प बात यह है कि UNSC के 15 सदस्यों में से पाकिस्तान इकलौता ऐसा देश है, जिसने ट्रंप के इस न्योते को स्वीकार किया। संयुक्त राष्ट्र ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की है। जानकारों का मानना है कि 'बोर्ड ऑफ पीस' भविष्य में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका को चुनौती दे सकता है या उसके समानांतर एक नई वैश्विक व्यवस्था खड़ी कर सकता है।
कौन हैं नामग्या खंपा?
नामग्या खंपा 2000 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उनकी गिनती विदेश मंत्रालय के उन अधिकारियों में होती है जिन्होंने चीन और पड़ोसियों के साथ संबंधों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बीजिंग में भारतीय दूतावास में सेवा दी है और वह मंदारिन (चीनी भाषा) की अच्छी समझ रखती हैं।
खम्पा ने चीन में भारत के राजनयिक मिशन में दो बार अपनी सेवाएं दीं, पहली बार 2002 से 2006 तक और फिर 2013 से 2016 तक। इसके अलावा खम्पा ने 2009 से 2013 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी काम किया है। उन्होंने काठमांडू (नेपाल) में भारतीय दूतावास में मिशन के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया है, जहां उन्होंने भारत-नेपाल विकास साझेदारी को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala