Publish Date: Thu, 26 Mar 2026 (13:53 IST)
Updated Date: Thu, 26 Mar 2026 (14:00 IST)
National Political Parties Donation: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले 20,000 रुपए से अधिक के चंदे का विश्लेषण जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल राजनीतिक चंदे में 161% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें भाजपा (BJP) सबसे बड़े हिस्सेदार के रूप में सामने आई है।
किस पार्टी को कितना मिला चंदा
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 6 राष्ट्रीय दलों (BJP, INC, BSP, AAP, CPI (M), और NPEP) को कुल 6648.563 रुपए करोड़ रुपए का चंदा प्राप्त हुआ। यह राशि कुल 11 हजार 343 डोनेशन के जरिए मिली है।
भाजपा : भाजपा ने 6074.015 करोड़ रुपए का चंदा घोषित किया है। यह राशि कांग्रेस, आप, माकपा और एनपीईपी को मिले कुल चंदे के योग से 10 गुना अधिक है।
कांग्रेस : कांग्रेस को 517.394 करोड़ का चंदा मिला, जो पिछले साल की तुलना में 84% अधिक है।
आम आदमी पार्टी (AAP) : आप के चंदे में 244% की वृद्धि हुई है। कुल राशि 38.019 करोड़ रुपए है।
बहुजन समाज पार्टी (BSP) : पिछले 19 वर्षों की तरह, मायावती की अगुवाई वाली बसपा ने इस साल भी 20,000 रुपए से ऊपर का कोई भी चंदा नहीं मिलने की घोषणा की है।
कॉरपोरेट घरानों का दबदबा
राजनीतिक दलों की फंडिंग में कॉरपोरेट घरानों का दबदबा बना हुआ है। व्यक्तिगत चंदा देने वालों की राशि काफी कम है।
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कॉरपोरेट सेक्टर : कुल चंदे का 92.18% हिस्सा यानी 6128.787 करोड़ रुपए का चंदा व्यापारिक घरानों से आया है।
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व्यक्तिगत चंदा : केवल 7.61% (505.66 करोड़ रुपए) चंदा व्यक्तिगत दाताओं द्वारा दिया गया।
अकेले प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने BJP, कांग्रेस और AAP को कुल 2413.465 करोड़ रुपए का चंदा दिया। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने BJP को 100 करोड़ रुपए का चंदा दिया है।
देरी से रिपोर्ट सौंपने में BJP और कांग्रेस आगे
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, चंदा रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 थी। BSP, NPEP और AAP ने अपनी रिपोर्ट समय पर जमा कराई, लेकिन कांग्रेस ने 23 दिन, माकपा ने 66 दिन और भाजपा 68 दिन की देरी से रिपोर्ट जमा कराई।
दिल्ली और महाराष्ट्र सबसे आगे
चंदा देने वालों के पते के आधार पर, सबसे अधिक चंदा दिल्ली (2639.481 करोड़ रुपए) से प्राप्त हुआ। इसके बाद महाराष्ट्र (2438.86 करोड़ रुपए) और गुजरात (₹309.177 करोड़ रुपए) का स्थान रहा। दिलचस्प बात यह है कि AAP को अमेरिका (USA) से भी 55,000 रुपए का चंदा मिला है।
क्या हैं एडीआर की चिंताएं
ADR ने अपनी रिपोर्ट में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कई दलों ने पैन (PAN) विवरण और चेक/DD की पूरी जानकारी नहीं दी है। भाजपा और कांग्रेस सहित कई दलों ने 3.468 करोड़ रुपए के चंदे के लिए पैन विवरण नहीं दिया है। ADR का मानना है कि राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे में लाया जाना चाहिए। साथ ही चुनाव आयोग को उन दलों की रिपोर्ट वापस कर देनी चाहिए जो अधूरी जानकारी देते हैं। CBDT द्वारा चंदा रिपोर्ट की वार्षिक जांच की जानी चाहिए ताकि शेल कंपनियों पर लगाम कसी जा सके।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Thu, 26 Mar 2026 (13:53 IST)
Updated Date: Thu, 26 Mar 2026 (14:00 IST)