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जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, असल समस्या हल नहीं होगी, NEET paper leak पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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NEET paper leak
सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में हुई चूक को लेकर जवाबदेही तय किये जाने पर शुक्रवार को जोर दिया और कहा कि यदि ऐसा कुछ होता है, तो यह न केवल विद्यार्थियों बल्कि उनके परिवारों के लिए भी ‘वास्तव में बहुत दुखद’ होता है। पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है।
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न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने इस मामले पर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि हमें अपने युवाओं को निराश नहीं करना चाहिए। 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने रद्द कर दिया था। अब री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET पेपर लीक विवाद में जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया। अदालत ने कहा कि यह स्थिति सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी 'बेहद दर्दनाक और तनावपूर्ण' है।  बेंच ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विफलताओं का खामियाजा युवा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।
 सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि हमें अपने युवाओं को निराश नहीं करना चाहिए।
 
सुप्रीम कोर्ट NEET-UG विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें एक याचिका राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को बदलने या मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए अधिक मजबूत और स्वायत्त व्यवस्था बनाने की मांग से संबंधित थी।
 

‘PM मोदी खुद कर रहे हैं निगरानी’

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की कमी न रह जाए। इस पर बेंच ने कहा, “जब तक वास्तविक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक असली समस्या खत्म नहीं होगी।”
 
अदालत ने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों और उनके परिवारों पर गहरा भावनात्मक असर डालती हैं, क्योंकि वे इन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए काफी मेहनत और उम्मीदें लगाते हैं। बेंच ने कहा, “अगर ऐसा कुछ होता है तो यह सिर्फ छात्रों ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद दर्दनाक होता है। वे इसमें अपनी भावनाएं और मेहनत दोनों लगाते हैं।”

NEET-UG री-टेस्ट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय

 
तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 21 जून को होने वाली NEET-UG री-टेस्ट परीक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में तय की।  Edited by : Sudhir Sharma

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