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NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, 22 लाख छात्रों को लगा बड़ा झटका

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NEET UG 2026 Exam Cancelled
सरकार ने मंगलवार को NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। 3 मई को आयोजित हुई NEET 2026 परीक्षा से पहले राजस्थान में एक कथित 'गेस पेपर' तेजी से वायरल हुआ था। जांच एजेंसियों का दावा है कि उस दस्तावेज़ के करीब 140 सवाल असली परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते हैं। ALSO READ: NEET 2026 paper leak : पेपर लीक का बड़ा खुलासा! गेस पेपर के 140 सवाल असली परीक्षा के एक्जाम सवालों से मिले, जांच में जुटी SOG
 
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी से, 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने और इस परीक्षा को उन तारीखों पर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिनकी सूचना अलग से दी जाएगी।

NTA ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। छात्रों को परीक्षा के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। परीक्षा केंद्र भी नहीं बदले जाएंगे।

क्यों रद्द हुई परीक्षा?

जानकारी के मुताबिक यह सामग्री परीक्षा से दो दिन पहले यानी सबसे पहले 1 मई को राजस्थान के सीकर में सामने आई थी। इसे खरीदने वालों से 20 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक वसूले जा रहे थे। परीक्षा से एक दिन पहले इसकी कॉपियां करीब 30 हजार रुपए में बेची जा रही थीं। यह पूरा दस्तावेज हस्तलिखित था, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल शामिल थे। शुरुआती जांच में पाया गया कि पूरे दस्तावेज की लिखावट एक जैसी थी।
 
जांच एजेंसियों का कहना है कि इनमें से लगभग 140 सवाल अंतिम प्रश्नपत्र में हूबहू पूछे गए। चूंकि NEET के हर सवाल के चार अंक होते हैं, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मेल परीक्षा परिणाम और एडमिशन प्रक्रिया को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
 
मामले को और संदिग्ध बनाने वाली बात यह है कि केवल सवाल ही नहीं, बल्कि कई प्रश्नों के उत्तर विकल्पों का क्रम भी वास्तविक परीक्षा से मेल खाता पाया गया। जांचकर्ताओं का मानना है कि सामान्य तौर पर कोई “गेस पेपर” इतनी सटीकता के साथ विकल्पों का क्रम नहीं बता सकता।
 
SOG की जांच में यह दस्तावेज़ चूरू के एक मेडिकल छात्र तक पहुंचा है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। आरोप है कि उसने 1 मई को यह सामग्री सीकर के एक व्यक्ति को भेजी थी। इसके बाद यह दस्तावेज़ पीजी हॉस्टल, कोचिंग नेटवर्क, करियर काउंसलर और NEET अभ्यर्थियों के बीच तेजी से फैल गया। मोबाइल फोन से बरामद चैट्स में कई संदेशों पर “forwarded many times” का टैग मिला है, जिससे संकेत मिलता है कि परीक्षा से पहले यह सामग्री बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंच चुकी थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसकी प्रिंटेड कॉपियां ऑफलाइन भी बांटी गई थीं।
 

2024  में भी मचा था बवाल

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब NEET 2024 विवाद की यादें अभी ताजा हैं। पिछले साल पेपर लीक, बढ़े हुए अंक और परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों ने देशभर में भारी विरोध प्रदर्शन कराए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और केंद्र सरकार तथा NTA को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बिहार में परीक्षा से पहले पेपर पहुंचने की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने का आदेश नहीं दिया था, लेकिन उसने परीक्षा प्रणाली में खामियों को स्वीकार करते हुए सुधार के निर्देश दिए थे।
edited by : Nrapendra Gupta 
 

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