Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 (13:22 IST)
Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 (14:25 IST)
New Income Tax Act 2025: भारत में 1 अप्रैल 2026 यानी मंगलवार से भारत में आयकर अधिनियम, 2025 (Income Tax Act, 2025) लागू हो जाएगा। यह नया कानून 60 साल से ज्यादा पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। सरकार के मुताबिक इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स नियमों को सरल बनाना है। इससे आम लोगों को समझने में भी आसानी होगी। नए एक्ट के लागू होने के बाद कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर और एचआरए में भी बदलाव हो सकता है।
दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स एक्ट को इसी साल से लागू करने की बात कही थी। नए अधिनियम में करदाता दंड की जगह टैक्स देकर छूट सकते हैं। नए एक्ट से मुकदमेबाजी भी कम होगी।
न्यू रिजिम में अब 12 लाख तक की छूट
अभी तक हम 'प्रीवियस ईयर' (कमाई का साल) और 'असेसमेंट ईयर' (टैक्स भरने का साल) के फेर में उलझे रहते थे। 1 अप्रैल 2026 से इन दोनों को हटाकर सिर्फ 'Tax Year' शब्द का इस्तेमाल होगा। जिस साल आप पैसा कमाएंगे, वही आपका टैक्स साल कहलाएगा। बजट 2025 में घोषित किए गए नए स्लैब अब पूरी तरह प्रभावी होंगे। नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब 12 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा (स्टैंडर्ड डिडक्शन और रिबेट मिलाकर)।
सरलीकरण और डिजिटल सुधार
पुराने कानून में 800 से ज्यादा धाराएं (Sections) थीं, जिन्हें घटाकर लगभग 536 कर दिया गया है। कानून की भाषा को सरल बनाया गया है ताकि टैक्सपेयर्स को कानूनी उलझनों का सामना न करना पड़े। नियमों को स्पष्ट करने से टैक्स विभाग और करदाताओं के बीच होने वाले मुकदमों में कमी आने की उम्मीद है।
इनकम टैक्स के प्रमुख बिन्दु :
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1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को Tax Year 2026-27 कहा जाएगा। इसी दौरान आप कमाएंगे और इसी साल के नाम से टैक्स भरेंगे।
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सैलरी वालों के लिए नया नियम : नए लेबर कोड के नियमों के प्रभाव से कंपनियों को अपनी सैलरी स्ट्रक्चर बदलना पड़ सकता है। अब 'बेसिक सैलरी' कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए।
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नए रिजिम में 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
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सैलरी वालों के लिए स्टैंडर्ड 75,000 रुपए पर बरकरार है।
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विदेश घूमने या पढ़ाई के लिए पैसे भेजने पर TCS की दर घटाकर 2% कर दी गई है, पहले यह कुछ मामलों में 5% से 20% तक थी।
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फ्यूचर्स (Futures) पर STT 0.02% से बढ़कर 0.05% और ऑप्शंस (Options) पर 0.15% हो गया है।
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बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों को अब 50 फीसदी HRA छूट का लाभ मिलेगा। इससे वे महानगरों के समान लाभ पा सकेंगे। दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों को 40 फीसदी तक ही HRA के तहत टैक्स डिडक्शन का लाभ दिया जाएगा।
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कंपनी HRA के नए नियम को लागू करने के लिए सैलरी को फिर तय कर सकते हैं, जिससे नई व्यवस्था के तहत सैलरी स्ट्रक्चर ज्यादा किफायती हो सकता है।
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बच्चों का एजुकेशन अलाउंस अमाउंट बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमाह और प्रति बच्चा कर दिया गया है, जो पहले 100 रुपए था। इसी तरह, हॉस्टल अलाउंस भी बढ़ाकर 9000 रुपए प्रतिमाह किया गया है। जबकि पहले यह मात्र 300 रुपए था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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