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कौन है मैथ्यू वैनडाइक? NIA ने 6 यूक्रेनी नागरिकों के साथ किया गिरफ्तार, ड्रोन ट्रेनिंग और म्यांमार लिंक का खुलासा

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Matthew VanDyke
Who is Matthew VanDyke : भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।  मामला कथित ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण, अवैध सीमा पार करने और भारत के पूर्वोत्तर के पास सक्रिय हथियारबंद संगठनों से संबंधों से जुड़ा बताया जा रहा है। वैनडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ और तीन को दिल्ली से पकड़ा गया। सभी सातों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां NIA ने जांच के लिए 15 दिन की हिरासत मांगी। अदालत ने 11 दिन की NIA कस्टडी मंजूर की है और सभी आरोपियों को 27 मार्च को फिर पेश किया जाएगा।
मैथ्यू एरन वैनडाइक खुद को सिक्योरिटी एनालिस्ट, युद्ध संवाददाता और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर बताते हैं। उनका नाम पहली बार 2011 के लीबिया गृहयुद्ध के दौरान चर्चा में आया था, जब वे विद्रोही लड़ाकों के साथ मैदान में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें कैद भी किया गया था।
 
लीबिया के बाद वैनडाइक ने सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) नाम का एक संगठन बनाया, जो दुनिया के अलग-अलग संघर्ष क्षेत्रों में स्थानीय हथियारबंद समूहों को सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक सलाह देने के लिए जाना जाता है।

ड्रोन प्रशिक्षण और अवैध घुसपैठ का आरोप

NIA सूत्रों के मुताबिक 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों पर टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए। वे पहले गुवाहाटी पहुंचे और फिर जरूरी दस्तावेजों के बिना मिजोरम चले गए। इसके बाद उन्होंने अवैध रूप से म्यांमार की सीमा पार की। बताया जा रहा है कि उनका उद्देश्य म्यांमार में सक्रिय जातीय हथियारबंद समूहों (EAGs) को पहले से तय ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण देना था। यह भी आरोप है कि यूरोप से बड़ी संख्या में ड्रोन भारत के रास्ते म्यांमार भेजे गए, जिन्हें इन समूहों के इस्तेमाल के लिए लाया गया था।
 
जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि म्यांमार में सक्रिय कई हथियारबंद समूहों के संबंध भारत में प्रतिबंधित संगठनों से भी रहे हैं। इन पर भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार, उपकरण और प्रशिक्षण देने का शक है, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है।  अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का भारत के अंदर कोई स्थानीय संपर्क था या नहीं और ड्रोन भारतीय सीमा से होकर कैसे भेजे गए। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और उनकी जांच की जा रही है। साथ ही आरोपियों को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर पूछताछ भी की जाएगी।

मिजोरम के मुख्‍यमंत्री ने दी थी चेतावनी 

मार्च 2025 में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका और ब्रिटेन के पूर्व सैनिकों सहित विदेशी भाड़े के लड़ाके मिजोरम के रास्ते म्यांमार जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि ये लोग वहां की सैन्य सरकार के खिलाफ लड़ रहे स्थानीय प्रतिरोध समूहों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma

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