Publish Date: Sat, 23 May 2026 (20:49 IST)
Updated Date: Sat, 23 May 2026 (22:38 IST)
Pahalgam Attack NIA Charge Sheet : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए भीषण आतंकी हमला मामले को लेकर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने अदालत में दाखिल अपनी एक विस्तृत चार्जशीट में बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ का आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट है, जो लाहौर से आतंकियों को निर्देश दे रहा था। एनआईए ने दावा किया कि पहलगाम और गगनगीर हमला एक ही मॉड्यूल द्वारा अंजाम दिया गया था। चार्जशीट में 2 स्थानीय टूरिस्ट गाइडों (परवेज अहमद और बशीर अहमद) को आरोपी बनाया गया है। यदि ये चाहते और समय पर सुरक्षा एजेंसियों को सूचना देते तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए भीषण आतंकी हमला मामले को लेकर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने अदालत में दाखिल अपनी एक विस्तृत चार्जशीट में बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ का आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट है, जो लाहौर से आतंकियों को निर्देश दे रहा था।
एनआईए ने दावा किया कि पहलगाम और गगनगीर हमला एक ही मॉड्यूल द्वारा अंजाम दिया गया था।
एनआईए के अनुसार, आतंकी पार्क में प्रवेश से पहले एक पेड़ के नीचे बैठकर दोपहर का भोजन कर रहे थे। कुछ देर बाद उन्होंने अपने बैग से कंबल निकाले और खुद को ढंक लिया ताकि शक न हो। चार्जशीट में 2 स्थानीय टूरिस्ट गाइडों (परवेज अहमद और बशीर अहमद) को आरोपी बनाया गया है। यदि ये चाहते और समय पर सुरक्षा एजेंसियों को सूचना देते तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
ये आतंकी परवेज अहमद के झोपड़ी के बाहर पहुंचे थे। परवेज ने पहचान लिया कि वे आतंकी हैं, फिर भी उन्हें झोपड़ी में शरण दी। इसी बीच आतंकियों ने अपने हथियार छिपाने को कहा और अमरनाथ यात्रा, सुरक्षाबलों के कैंप और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। बैलिस्टिक जांच से पता चला कि गगनगीर और पहलगाम से बरामद कारतूस एक ही एम-4 कार्बाइन से चलाए गए थे।
यह हथियार उन सुरक्षाबलों ने बरामद किया था जिन्होंने 'ऑपरेशन महादेव' को अंजाम दिया था। जांच में आतंकियों से बरामद 2 मोबाइल फोन से ऐसे चैट और लोकेशन डाटा मिले, जिनसे पता चला कि साजिद जट ने 15 अप्रैल को बैसरन घाटी का ब्योरा आतंकियों को भेजा था। चार्जशीट में 7 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं।
इनमें पाकिस्तान के कसूर निवासी साजिद जट्ट, 3 हमलावर (फैसल जट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी) के अलावा 2 स्थानीय सहयोगी बशीर अहमद जोठट और परवेज अहमद शामिल हैं। तीनों हमलावर जुलाई 2025 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। 21 दिसंबर 2023 को पुंछ जिले में सेना के एक काफिले पर हुए हमले के लिए भी यही मॉड्यूल जिम्मेदार था।
इस हमले में 5 सैनिक मारे गए थे। लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन 'द रजिस्टेंस फ्रंट' ने पहले पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली, लेकिन बाद में इससे इनकार किया, क्योंकि संगठन को भारत की ओर से कड़ी जवाबी कार्रवाई का डर था। चार्जशीट के अनुसार, आतंकियों ने सुनियोजित तरीके से 26 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें 25 भारतीय पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर यानी पिट्ठू वाला शामिल था।
Edited By : Chetan Gour
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