Nitin Nabin News in Hindi : नितिन नबीन मात्र 45 साल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। आज सुबह 11.30 बजे पीएम मोदी की उपस्थिति में एक भव्य समारोह में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। जानिए कौन हैं नितिन नबीन, कैसा रहा उनका अध्यक्ष पद तक का सफर और क्या है उनके सामने चुनौतियां?
राजनीतिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक सफर
जन्म : नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची (झारखंड) में हुआ। उनके पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के दिग्गज नेता और पटना पश्चिम से चार बार विधायक रहे थे। उन्होंने 1996 में पटना के सेंट माइकल्स हाई स्कूल से 10वीं और 1998 में दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
परिवार : उनका विवाह दीपमाला श्रीवास्तव से हुआ है और उनके दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं।
25 की उम्र में पहली बार बने विधायक
नितिन नबीन बिहार विधानसभा में बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच बार के विधायक हैं। उन्होंने मात्र 25 वर्ष की उम्र में 2006 के उपचुनाव से अपनी चुनावी पारी शुरू की थी। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद उम्मीदवार को 51,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से हराकर अपनी जमीनी पकड़ साबित की। बिहार सरकार में उन्होंने पथ निर्माण मंत्री और नगर विकास एवं आवास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। उनके कार्यकाल को बुनियादी ढांचे के विकास और जनहितैषी योजनाओं के लिए जाना जाता है।
सत्ता और संगठन दोनों का अनुभव
भाजपा की युवा शाखा (BJYM) की उपज रहे नबीन ने संगठन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' और गुवाहाटी से तवांग तक की 'शहीद सम्मान यात्रा' में सक्रिय भूमिका निभाई थी। दिसंबर 2025 में उन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसे अब उनके पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वे 2 बार बिहार की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
क्या है नितिन नबीन के सामने चुनौतियां
नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा एक बड़े संगठनात्मक फेरबदल की ओर बढ़ रही है। उनके सामने सबसे तात्कालिक चुनौती पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव हैं। इसके अलावा नबीन को 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी पार्टी को तैयार करना होगा। यह चुनाव विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि इसमें परिसीमन और संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के कार्यान्वयन जैसे बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta