: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने नोएडा की जिलाधिकारी (डीएम) मेधा रूपम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं, इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या है पूरा मामला?
युवराज मेहता (27 वर्ष) की मौत ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन सड़क के पास बने गड्ढे में कार डूबने से हुई थी। घटना के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में कथित लापरवाही बरती गई, जिसके कारण युवराज को समय पर नहीं बचाया जा सका। चश्मदीदों के अनुसार, युवराज डेढ़ घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन SDRF और अन्य टीमों की ओर से प्रभावी प्रयास नहीं किए गए।
क्या कहा सौरभ भारद्वाज ने?
योगी सरकार ने मामले में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया और एक बिल्डर को गिरफ्तार किया, लेकिन सौरभ भारद्वाज ने इसे दिखावटी कार्रवाई करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदारी जिले की डीएम के पास होती है। मेधा रूपम (2014 बैच की आईएएस अधिकारी) पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जबकि वे सीधे जिम्मेदार हैं।
भारद्वाज का डीएम मेधा रूपम पर आरोप
भारद्वाज का आरोप है कि क्योंकि मेधा रूपम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं, इसलिए उन्हें प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है और सिस्टम उन्हें बचा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि असली जिम्मेदारी वाली अधिकारी को क्यों नहीं छुआ जा रहा?यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां विपक्ष सरकार पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है। युवराज के परिवार और आम जनता में भी प्रशासन की लापरवाही को लेकर गुस्सा है। आगे जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala