Old vs New Tax Regime 2026-27: 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे नए 'आयकर अधिनियम 2025' ने टैक्सपेयर्स के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि पुरानी व्यवस्था (Old Regime) चुनें या नई (New Regime)? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई टैक्स व्यवस्था को इतना आकर्षक बना दिया है कि 12 लाख तक की सालाना आय पर अब 'जीरो टैक्स' लगेगा। लेकिन क्या अब भी पुरानी व्यवस्था में निवेश की छूट (80C, HRA) का फायदा लेना बेहतर है? आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं आपके फायदे का गणित।
नई टैक्स व्यवस्था
बजट 2026 ने भारत की टैक्स प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। सरकार का स्पष्ट झुकाव New Tax Regime की ओर है, जिसे अब और अधिक सरल बना दिया गया है। दरअसल, बजट 2026 की घोषणाओं के बाद नई व्यवस्था उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो निवेश के झंझटों से दूर रहना चाहते हैं।
12 लाख तक जीरो टैक्स : स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स रिबेट को मिलाकर 12 रुपए लाख तक की आय वाले लोगों को एक पैसा भी टैक्स नहीं देना होगा। इसके साथ ही आपको LIC, PPF या होम लोन के दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था
पुरानी व्यवस्था अभी भी उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जिनकी आय 15 लाख से अधिक है और वे बड़ी मात्रा में निवेश करते हैं। इसमें धारा 80C (1.5 लाख), 80D (मेडिक्लेम), HRA (घर का किराया) और होम लोन के ब्याज (2 लाख) पर छूट मिलती है।
यह व्यवस्था लोगों को भविष्य के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। यदि आय 15 लाख से अधिक है और आप होम लोन चुका रहे हैं तो Old Regime के कैलकुलेशन चेक करें, क्योंकि बड़ी कटौतियां आपका टैक्स नई व्यवस्था से भी कम कर सकती हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala