मध्यप्रदेश में SIR के बाद भारत निर्वाचन आयोग आज ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करेगा। जिसमें पूरे प्रदेश में 41.8 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं। इनमें मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और एक से अधिक जगह पंजीकृत मतदाता शामिल हैं। आज चुनाव आयोग की ओर से इसकी प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की जाएगी।
बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले एक महीने से घर-घर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद अब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज मंगलवार को राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करेगा।
मृत और अनुपस्थित मिले नाम : मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में वोटर लिस्ट से करीब 41.8 लाख मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। यानी कुल मतदाताओं में से करीब 7.2 प्रतिशत नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। चिन्हित नामों में 8.4 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं। 8.4 लाख अनुपस्थित मिले और 2.5 लाख नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे। वहीं, 22.5 लाख मतदाता अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं।
इंदौर और भोपाल की स्थिति : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 21.25 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 4.3 लाख नाम सूची से हटने की संभावना है। इसी तरह इंदौर में 28.67 लाख मतदाताओं में से 4.4 लाख नाम, ग्वालियर में 16.49 लाख में से 2.5 लाख और जबलपुर में 19.25 लाख मतदाताओं में से 2.4 लाख नाम हट सकते हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े प्रारंभिक हैं। वास्तविक संख्या का पता ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद ही चलेगा।
शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस : बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज शाम 4 बजे प्रेस कांफ्रेंस कर प्रारंभिक मतदाता सूची जारी करेगा। सूची जारी होने के बाद जिनके नाम नहीं जुड़े उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस के अनुसार दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले मतदाताओं का नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल होगा। वोटर लिस्ट के प्रकाशन के साथ दावे आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद फरवरी में अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा।
एमपी में SIR की बड़ी बातें
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5 करोड़ 56 लाख गणना पत्रक SIR शुरू होने से पहले मिले थे, जिसका प्रतिशत 96.93 था।
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SIR शुरू होने से पहले 5 करोड़ 74 लाख वोटर्स थे।
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कुल मतदान केंद्रों की संख्या 65014 थी।
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230 विधानसभा सीटों में ईआरओ की संख्या भी 230 थी।
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230 विधानसभा सीटों में एईआरओ की संख्या 532 थी।
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बूथ लेवल पर एजेंट की संख्या 1 लाख 34 हजार थी।
SIR होने के बाद
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एमपी में SIR की प्रक्रिया होने के बाद 17.58 लाख से ज्यादा वोटर्स एबसेंट, शिफ्टेड और डेड मिले।
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जिन मतदातों की मौत हो चुकी हैं, उनकी संख्या 8 लाख से ज्यादा थी।
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एबसेंट वोटर्स की संख्या एमपी में 8.50 लाख थी।
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2 लाख ऐसे वोटर्स मिले थे, जिनके एक से ज्यादा स्थानों पर नाम रजिस्टर्ड थे।
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एमपी में कुल 37 लाख मतदाताओं का नाम कटेगा।
चुनाव आयोग देगा नोटिस : चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में से कटने वाला है, उनके लिए यह मौका होगा। इन सभी से चुनाव आयोग ने उनके सभी दस्तावेज मांगे हैं, अगर उनके दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो फिर उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ा रहेगा। लेकिन अगर उनके कागजात सही नहीं पाए जाते हैं तो फिर उनका नाम मतदाता सूची में से काट दिया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग की तरफ से मतदाताओं को नोटिस भी दिया जाएगा। 15 जनवरी तक नाम जुड़ने के लिए यह आवेदन देना होगा। यानि उन्हें अपने कागजात अब चुनाव आयोग को देने होंगे।
Edited By: Navin Rangiyal