Uttar Pradesh BJP President Pankaj Chaudhary: उत्तर प्रदेश भाजपा के नए मुखिया का नाम तय हो गया है। शनिवार को केन्द्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। दिलचस्प बात यह है कि सीएम और डिप्टी सीएम ने खुद उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिससे पार्टी के भीतर एकजुटता का भी बड़ा संदेश गया है। चौधरी का अध्यक्ष चुना जाना तय है। हालांकि उनके नाम की आधिकारिक घोषणा रविवार को की जाएगी। मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि कमान ऐसे अनुभवी हाथ में दी जा रही है जो पार्टी कैडर की रग-रग से वाकिफ है।
अध्यक्ष पद के लिए पंकज चौधरी का चयन भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वह यूपी में पिछड़ों (OBC) का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा हैं। 61 वर्षीय चौधरी महाराजगंज से 7 बार के सांसद हैं और वर्तमान में केंद्र में वित्त राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
गोरखपुर क्षेत्र और आसपास के जिलों में उनकी गहरी पैठ है, जो 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अहम साबित हो सकती है। पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू होकर दिल्ली के सत्ता गलियारों तक पहुंचा है। उन्होंने 1989 में राजनीति में कदम रखा, गोरखपुर नगर निगम के सदस्य और फिर डिप्टी मेयर रहे।
लोकसभा का सफर : चौधरी 1991 में पहली बार सांसद बने। इसके बाद 1996, 1998, 2004, 2014, 2019 और 2024 में जीत दर्ज की। राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं, उनकी माताजी महाराजगंज की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
क्या है भाजपा की योजना : पंकज चौधरी को यूपी की कमान सौंपकर भाजपा ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्षी 'INDIA' गठबंधन और सपा के 'PDA' फॉर्मूले की काट ढूंढने की कोशिश की है। 2024 के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले ने भाजपा को काफी नुकसान पहुंचाया था। पंकज चौधरी कुर्मी (OBC) समाज से आते हैं, जिसकी आबादी और प्रभाव यूपी में काफी अधिक है। उनके जरिए भाजपा गैर-यादव ओबीसी वोटों को फिर से अपने पाले में करने की कोशिश करेगी, जो पिछले चुनाव में छिटक गया था।
क्या होगा असर : दरअसल, यूपी की सत्ता का रास्ता पूर्वांचल से होकर गुजरता है। वाराणसी (PM मोदी का क्षेत्र) और गोरखपुर (CM योगी का क्षेत्र) के बाद अब संगठन की कमान भी पूर्वांचल के ही पंकज चौधरी को देना यह बताता है कि भाजपा इस क्षेत्र में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। चौधरी के आने से महाराजगंज, कुशीनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में भाजपा की पकड़ और मजबूत होगी। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन के बीच एक 'ब्रिज' (पुल) का काम करेंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala