Publish Date: Thu, 19 Mar 2026 (14:05 IST)
Updated Date: Thu, 19 Mar 2026 (14:16 IST)
eps 95 pension hike भविष्यनिधि संगठन (EPFO) के पेंशनरों की लंबे समय से चली आ रही पेंशन बढ़ाने की मांग अब पूरी होते दिख रही है। दरअसल, श्रम पर स्थायी समिति ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की है। वर्तमान में पेंशनरों को न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए प्रतिमाह दी जा रही है। माना जा रहा है कि यह पेंशन वर्तमान से तीन गुना तक की जा सकती है।
क्या है समिति की सिफारिश
समिति ने अपनी 15वीं रिपोर्ट में कहा है कि 1000 रुपए की न्यूनतम पेंशन आज के समय में 'अपर्याप्त और गरिमाहीन' है। समिति ने इसे बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही ESIC के तहत सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मौजूदा वेतन सीमा को भी संशोधित करने की बात कही है। यदि ऐसा होता है तो ईएसआईसी का दायरा और बढ़ जाएगा।
कितनी हो सकती है पेंशन
बताया जा रहा है कि पेंशन को 1000 से बढ़ाकर 3,000 करने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए वित्त मंत्रालय से अतिरिक्त बजटीय सहायता की मांग की गई है। सरकार का तर्क है कि वर्तमान में लगभग 78 लाख पेंशनभोगी हैं और पेंशन राशि तीन गुना करने पर सरकारी खजाने पर सालाना 18 हजार करोड़ से अधिक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। कांग्रेस ने भी उम्मीद जताई है कि समिति की रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और ठोस कदम उठाएगी।
हालांकि न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का अंतिम फैसला केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा। उम्मीद है कि आगामी पूर्ण बजट या उससे पहले कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। सरकार पेंशन की गणना के लिए 'औसत वेतन' की अवधि को 60 महीने से घटाकर 36 महीने करने पर भी विचार कर रही है। इससे कर्मचारी की पेंशन राशि में सुधार हो सकेगा।
क्या है श्रम संगठनों की मांग?
श्रम संगठनों की मांग है कि न्यूनतम मासिक पेंशन को वर्तमान 1000 से बढ़ाकर 7500 रुपए किया जाए। उनका तर्क है कि 1000 रुपए की राशि आज की महंगाई के दौर में बुनियादी जरूरतों (भोजन, दवा आदि) के लिए भी पर्याप्त नहीं है। संगठनों की मांग है कि पेंशन को महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए, ताकि समय के साथ बढ़ती कीमतों के अनुसार पेंशन राशि में भी वृद्धि होती रहे, जैसा कि सरकारी कर्मचारियों के मामले में होता है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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