Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 (19:41 IST)
Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 (19:56 IST)
India-America Trade Deal News : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में किसानों के लिए सुरक्षा का भरोसा दिलाया। गोयल ने कहा कि यह ट्रेड डील एक लेबर ऑफ लव है। गोयल ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि भारत ने इस समझौते में अपनी संप्रभुता से समझौता किया है। गोयल ने कहा कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में पैदा होने वाले फल जैसे केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग जैसी दालें, तिलहन, मूंगफली और शहद जैसे उत्पादों पर भी कोई समझौता नहीं किया है। गोयल ने कहा कि कृषि के मामले में भारत के किसानों और उत्पादकों के हितों का 100 फीसदी ध्यान रखा गया है।
खबरों के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में किसानों के लिए सुरक्षा का भरोसा दिलाया। गोयल ने कहा कि यह ट्रेड डील एक लेबर ऑफ लव है। गोयल ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि भारत ने इस समझौते में अपनी संप्रभुता से समझौता किया है।
गोयल ने कहा कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में पैदा होने वाले फल जैसे केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग जैसी दालें, तिलहन, मूंगफली और शहद जैसे उत्पादों पर भी कोई समझौता नहीं किया है। गोयल ने कहा कि कृषि के मामले में भारत के किसानों और उत्पादकों के हितों का 100 फीसदी ध्यान रखा गया है।
अमेरिका से कच्चा तेल या एलएनजी खरीदने के सवाल पर गोयल ने कहा कि यह भारत के अपने रणनीतिक हितों में है। इससे हमें तेल के स्रोतों में विविधता लाने में मदद मिलती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कौन कहां से क्या खरीदेगा, यह फैसला कंपनियां खुद लेती हैं। गोयल ने कहा कि अमेरिकी बाजार किसानों को बहुत ज़्यादा वैल्यू देंगे। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि यह डील आखिरकार हमारे किसानों की मदद करेगी, जो पहले से ही 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कृषि और मछली उत्पादों का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। गोयल ने कहा कि भारत को अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने में कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने इसे बहुत ही सुरक्षित बताया, क्योंकि उनका मानना है कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था अगले 5 साल में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की मांग पैदा करेगी।
गोयल ने कहा कि यह समझौता किसानों को और अधिक निर्यात अवसर और बेहतर लाभ दिलाने में सहायक होगा। गोयल ने कहा कि बड़े टेक्नोलॉजी फर्म भारत में निवेश कर रहे हैं और देश में 10 गीगावाट डेटा सेंटर बनने वाले हैं। इसके लिए आवश्यक उपकरण अमेरिका से उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
इसके अलावा AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और उच्च गुणवत्ता वाले मशीनरी की जरूरत भी अमेरिका पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार में नए अवसर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने में मदद करेंगे और कृषि क्षेत्र की समृद्धि बढ़ाएंगे।
Edited By : Chetan Gour