rashifal-2026

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

भारत-अमेरिका के बीच कब होगा व्यापार समझौता, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दिया यह जवाब‍

Advertiesment
हमें फॉलो करें Piyush Goyal's statement on India-US trade agreement

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , शनिवार, 31 जनवरी 2026 (22:49 IST)
India-US trade agreement : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार समझौता बहुत जल्द हो सकता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कोई मुश्किल मुद्दा बातचीत के लिए बचा नहीं है। वैश्विक टैरिफ तनाव और हालिया ईयू समझौते के बीच यह डील भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि अगर आपको एक विकसित देश बनना है तो आपको विकसित दुनिया के साथ जुड़ना होगा, आप अकेले नहीं रह सकते।

खबरों के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार समझौता बहुत जल्द हो सकता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कोई मुश्किल मुद्दा बातचीत के लिए बचा नहीं है। वैश्विक टैरिफ तनाव और हालिया ईयू समझौते के बीच यह डील भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
ALSO READ: भारत बंदूक की नोंक पर व्यापार समझौते नहीं करता, बर्लिन में पीयूष गोयल ने किस पर साधा निशाना
गोयल ने कहा कि 2024 में थोड़ी ढिलाई आई क्योंकि हमारे यहां चुनाव हुए, फिर उनके यहां चुनाव हुए। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि अगर आपको एक विकसित देश बनना है तो आपको विकसित दुनिया के साथ जुड़ना होगा, आप अकेले नहीं रह सकते।

गोयल ने कहा कि पहले और आज में सबसे बड़ा फर्क यह है कि भारत अब एक इज्जतदार देश है लोग यहां पॉलिटिकल स्टेबिलिटी, मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी और मजबूत लीडरशिप देखते हैं। वे भारत के टैलेंट और स्किल को पहचानते हैं इसलिए अब दूसरी तरफ से भी भारत के साथ बिज़नेस करने और जुड़ने की उतनी ही चाहत और इच्छा है।
ALSO READ: अमेरिकी टैरिफ के सामने नहीं झुकेगा भारत, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात
उन्होंने कहा कि भारत अब ताकत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ भी उतना ही मजबूत और संतुलित समझौता करने की क्षमता रखता है, जैसा यूरोप के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ समझौता भी लंबी बातचीत और आपसी सहमति के बाद ही संभव हो पाया और यही नीति अमेरिका के साथ वार्ता में भी अपनाई जा रही है।
ALSO READ: ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली धमकी ने कैसे बदले अमेरिका-ईयू संबंध
वैश्विक टैरिफ तनाव और हालिया ईयू समझौते के बीच यह डील भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। अगर भारत-अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता पूरा होता है, तो इससे निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
Edited By : Chetan Gour

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कौन है 'मोहम्मद दीपक', जिसने कोटद्वार में रोका बवाल, जानें क्‍या है मामला