India-US trade agreement : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार समझौता बहुत जल्द हो सकता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कोई मुश्किल मुद्दा बातचीत के लिए बचा नहीं है। वैश्विक टैरिफ तनाव और हालिया ईयू समझौते के बीच यह डील भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि अगर आपको एक विकसित देश बनना है तो आपको विकसित दुनिया के साथ जुड़ना होगा, आप अकेले नहीं रह सकते।
खबरों के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार समझौता बहुत जल्द हो सकता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कोई मुश्किल मुद्दा बातचीत के लिए बचा नहीं है। वैश्विक टैरिफ तनाव और हालिया ईयू समझौते के बीच यह डील भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
गोयल ने कहा कि 2024 में थोड़ी ढिलाई आई क्योंकि हमारे यहां चुनाव हुए, फिर उनके यहां चुनाव हुए। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि अगर आपको एक विकसित देश बनना है तो आपको विकसित दुनिया के साथ जुड़ना होगा, आप अकेले नहीं रह सकते।
गोयल ने कहा कि पहले और आज में सबसे बड़ा फर्क यह है कि भारत अब एक इज्जतदार देश है लोग यहां पॉलिटिकल स्टेबिलिटी, मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी और मजबूत लीडरशिप देखते हैं। वे भारत के टैलेंट और स्किल को पहचानते हैं इसलिए अब दूसरी तरफ से भी भारत के साथ बिज़नेस करने और जुड़ने की उतनी ही चाहत और इच्छा है।
उन्होंने कहा कि भारत अब ताकत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ भी उतना ही मजबूत और संतुलित समझौता करने की क्षमता रखता है, जैसा यूरोप के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ समझौता भी लंबी बातचीत और आपसी सहमति के बाद ही संभव हो पाया और यही नीति अमेरिका के साथ वार्ता में भी अपनाई जा रही है।
वैश्विक टैरिफ तनाव और हालिया ईयू समझौते के बीच यह डील भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। अगर भारत-अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता पूरा होता है, तो इससे निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
Edited By : Chetan Gour