India Germany Relations : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने साक्षा बयान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी में कई समझौते पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हुए। कई जर्मन कंपनियां भारत में मौजूद। दोनों देशों के संबंध मानवता के लिए अहम।
उन्होंने कहा कि चांसलर मर्ज की यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिली है। भारत और जर्मनी के संबंधों में विश्वास है। जर्मनी की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का योगदान है। रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं चांसलर मर्ज का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। हम रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर भी काम करेंगे, जिससे सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए G4 के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी सोच का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि आज हमने यूक्रेन और गाज़ा सहित कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है और इस दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
इस अवसर पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि भारत जर्मनी के लिए एक पसंदीदा पार्टनर है, पसंद का पार्टनर है।
edited by : Nrapnedra Gupta