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क्या पीएम नरेन्द्र मोदी ने दे दिए संकेत? पेट्रोल-डीजल पर बढ़ सकते हैं 5 रुपए

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PM Modi Hardoi speech
West Bengal Election Results: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 मई 2026) को हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग (Restraint) की जो अपील की है, उसे बाजार और विशेषज्ञ आने वाले दिनों में कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री का यह बयान जनता को मानसिक रूप से तैयार करने और ईंधन खपत कम करने की एक 'एडवाइजरी' जैसा है। जब भी शीर्ष नेतृत्व इस तरह से 'राष्ट्रीय हित' और 'संयम' की बात करता है, तो आर्थिक रूप से इसका मतलब अक्सर बोझ को जनता के साथ साझा करना यानी कीमतें बढ़ना होता है।
 
पीएम ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक अस्थिरता का हवाला दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $104 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कार-पूलिंग अपनाने और संभव हो तो फिर से 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे तरीके अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है और महंगे तेल के कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है। ALSO READ: भारत में तेल के कुएं नहीं, संयम से करें पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल, PM मोदी ने क्‍यों की यह अपील?

कितने बढ़ सकते हैं दाम?

हालांकि सरकार ने अभी आधिकारिक तौर पर कीमतों में वृद्धि की घोषणा नहीं की है, लेकिन कई संकेत इस ओर इशारा कर रहे हैं। तेल विपणन कंपनियां वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल कम दाम पर बेचकर घाटा उठा रही हैं। वे सरकार पर कीमतें बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बना रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घाटा प्रति लीटर 14 से 18 रुपए तक पहुंच चुका है। बाजार विशेषज्ञों और सूत्रों के अनुसार, 15 मई 2026 से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा सकती है।
 
जानकारों की मानें तो पांच राज्यों के चुनाव चलते सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के दाम नहीं बढ़ा रही थी, लेकिन अब परिणाम आ चुके हैं, इसलिए यह लगभग तय माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही कीमतें बढ़ा सकती है। बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों को प्रतिदिन 1600 से 1700 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। ALSO READ: पेट्रोल-डीजल और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर हो सकते हैं महंगे, जल्द हो सकता है ऐलान

इन कंपनियों ने बढ़ाए दाम

उल्लेखनीय है कि कुछ निजी कंपनियां पेट्रोलियम उत्पादों के दाम पहले ही बढ़ा चुकी हैं। शेल इंडिया ने सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी दरों के अनुसार, पेट्रोल: लगभग 7.41 रुपए प्रति लीटर, जबकि डीजल पर लगभग 25 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की है। वर्तमान में शेल के पंपों पर पेट्रोल 119.85 और डीजल 123.52 रुपए प्रति लीटर (अलग-अलग शहरों के मुताबिक कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।) तक बिक रहा है। इसी तरह नायरा एनर्जी ने पेट्रोल पर 5 प्रति लीटर तथा डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। 
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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