Publish Date: Thu, 26 Feb 2026 (11:03 IST)
Updated Date: Thu, 26 Feb 2026 (11:50 IST)
Golden Horizon Missile : इजरायल दौरे के दूसरे दिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच द्विपक्षीय बातचीत होना है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच गोल्डन होराइजन मिसाइल पर भी बात बन सकती है। इसे सुखोई-30 MKI की मदद से लांच किया जा सकता है। इस डील से चीन और पाकिस्तान पर रणनीतिक दबाव बढ़ सकता है।
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मीडिया खबरों के अनुसार, इजरायल ने भारत को गोल्डन होराइजन मिसाइल देने की पेशकश की है। यह एक एयर लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (ALBM) है, जो डीप स्ट्राइक वेपन है। इसकी रफ्तार 6500 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह करीब 8.3 मीटर लंबी, लगभग 3100 किलोग्राम भारी है।
गोल्डन होराइजन की मदद से मजबूत से मजबूत अंडरग्राउंड स्ट्रैटजिक फैसिलिटी को पलक झपकते ही खाक में मिलाया जा सकती है। इससे अंडरग्राउंड शक्तिशाली बंकर, जमीन के अंदर बने मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर और सतह के नीचे मौजूद परमाणु ठिकानों पर भी हमला किया जा सकता है।
बताया जाता है कि इस मिसाइल की अनुमानित रेंज 1,000 से 2,000 किलो मीटर तक हो सकती है। इसे फाइटर जेट से दुश्मन के ठिकानों पर दागा जा सकती हैं। यह चीन और पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में घुसे बिना भी वहां के किसी भी क्षेत्र पर हमला कर सकती है।
क्यों है भारत के लिए खास?
अंडरग्राउंड टारगेट पर सटीक हमला : गोल्डन होराइजन मजबूत बंकर, जमीन के नीचे बने मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर और स्ट्रैटजिक फैसिलिटी को निशाना बना सकती है।
बिना एयरस्पेस में घुसे हमला : बताया जा रहा है कि यह मिसाइल दुश्मन देश के वायुक्षेत्र में प्रवेश किए बिना भी 1,000–2,000 किमी दूर तक हमला कर सकती है। इससे चीन और पाकिस्तान के भीतर रणनीतिक ठिकानों पर दबाव बनाया जा सकता है।
एयर पावर में गुणात्मक बढ़त : अगर इसे भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 MKI बेड़े में शामिल किया जाता है, तो भारत की एयर-बेस्ड स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ सकती है।
भारत-इजरायल रक्षा संबंधों को मिलेगा नया आयाम
भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, एयर डिफेंस और इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी तक फैला हुआ है। गोल्डन होराइजन पर संभावित समझौता दोनों देशों के सामरिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू की यह बैठक एशिया की रणनीतिक राजनीति पर भी असर डाल सकती है।
edited by : Nrapendra Gupta