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PM Modi Mann Ki Baat 134th episode : देश के एथलीट रिकॉर्ड बना रहे, पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की गुरिंदरवीर की चर्चा

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PM Modi Mann Ki Baat
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड को संबोधित कर रहे हैं। पेश है मन की बात से जुड़ा अपडेट-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में कहा कि बीते दिनों मुझे यूरोप के नीदरलैंड जाने का अवसर मिला। वहां मैं कई बैठकों में शामिल हुआ। इसी दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। नीदरलैंड में आयोजित एक विशेष समारोह में चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। उस कार्यक्रम में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। इन ताम्रपट्टिकाओं को लेकर मुझे देश-विदेश से लगातार संदेश मिल रहे हैं। लोग खुशी जता रहे हैं, गर्व व्यक्त कर रहे हैं। 
 
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में कहा, "इनमें 21 बड़ी और 3 छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये मुख्य रूप से राजा राजेंद्र चोला प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राज राजा चौला के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी है। इनमें अनईमंगलम गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोला वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिलता है। इनसे पता चलता है कि चोला साम्राज्य की समुद्री शक्ति कितनी मजबूत थी। चोला साम्राज्य के समृद्ध इतिहास और संस्कृति पर हम सभी को गर्व है।"
 
 
पीएम मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में कहा कि एक स्थिति की कल्पना कीजिए जहां बच्चे भी आते हों, युवा भी और बुजुर्ग भी। जहां कोई फीस न हो, कोई बड़ी इमारत न हो, कोई क्लास रूम न हो। सबसे रोचक बात वहां क्लास नदी में लगती हो। ये कोई कहानी नहीं बल्कि सच्चा प्रयास है। केरलम के अलुवा में साजी वलासेरिल जी ऐसा ही एक स्वीमिंग क्लब चला रहे हैं। अब तक 15 हजार से ज्यादा लोग यहां तैरना सीख चुके हैं। साजी जी ने दिव्यांग बच्चों को भी स्वीमिंग भी सिखाई है। इस प्रयास के पीछे एक पीड़ा भी छिपी है। कुछ वर्ष पहले एक नौका हादसे में कई छात्रों की मृत्यु हो गई थी। उस घटना ने साजी जी को भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने सोचा कि यदि बच्चों को तैरना आता तो कई जानें बच जातीं बस यहीं से उनका ये अभियान शुरू हुआ। साजी वलासेरिल का जीवन हमें बहुत बड़ी सीख देता है कि सेवा करने के लिए हमें बहुत बड़े साधन जरूरी नहीं होते, जरूरी होता है एक अच्छा इरादा...  

पीएम मोदी ने बताए गर्मी से बचने के तरीके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में कहा कि हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद, प्रकार बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं और फिर शुरू होता है देसी पेय का दौर। देसी पेय से आप भी परिचित हैं। उत्तर भारत में आपको कई जगह मिलेगा आम पन्ना...पंजाब-हरियाणा जाने पर लस्सी मिल जाएगी, राजस्थान और गुजरात में छाछ जैसे हर खाने की साथी बन जाती है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत... इनमें से ज्यादातर चीजें हमारी रसोई से निकली हैं... आप भी गर्मी के दौरान देसी पेयजलों का खूब आनंद लीजिए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में कहा कि एक इवेंट जिसकी देश भर में बहुत चर्चा हो रही है, वो है 100 मीटर की दौड़। महज 2 दिनों के भीतर मेन्स(पुरुष श्रेणी) 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। जिन दो एथलीट्स ने ये कमाल दिखाया है वो है गुरविंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें  संस्करण में कहा कि कुछ दिन पहले ही झारखंड के रांची में नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता हुई। इसमें करीब 800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जो देश भर से आए थे। इस दौरान चार अलग-अलग इवेंट में चार नेशनल रिकॉर्ड टूटे। गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार इन साथियों ने अलग-अलग कैटेगरी में रिकॉर्ड बनाए। मैं सबसे पहले तो इन सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। Edited by : Sudhir Sharma

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