Publish Date: Tue, 24 Mar 2026 (18:10 IST)
Updated Date: Tue, 24 Mar 2026 (18:17 IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में संबोधन के दौरान पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इस युद्ध के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस संघर्ष का ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और महंगाई पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। प्रधानमंत्री ने अंत में जोर देकर कहा कि पिछले 11 वर्षों में लिए गए नीतिगत निर्णयों और ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण के कारण ही आज भारत ऐसी वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना करने में सक्षम है।
'राष्ट्रहित सर्वोपरि, सरकार पूरी तरह सतर्क'
संसद के उच्च सदन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार स्थिति को संभालने और जनहित की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं नागरिकों से हर चुनौती के लिए तैयार रहने का आग्रह करता हूं। इस युद्ध का प्रभाव लंबा खिंच सकता है, लेकिन मैं देश की जनता को आश्वस्त करता हूँ कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है।"
राज्यों से 'टीम इंडिया' भावना के साथ काम करने की अपील
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से कोरोना काल की तरह एक टीम बनकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से श्रमिक वर्ग और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि कठिन समय में सबसे अधिक प्रभावित यही वर्ग होता है। पीएम ने राज्य सरकारों को कालाबाजारी के खिलाफ सख्त निगरानी रखने और प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्य रणनीतिक कदम:
ईंधन, सप्लाई चेन और उर्वरक जैसे मुद्दों के लिए 7 अधिकार प्राप्त समूहों का गठन।
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए निरंतर निगरानी।
अब तक 3.75 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। पीएम मोदी ने जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,75,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इसमें ईरान से आए 1,000 से अधिक भारतीय शामिल हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र भी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी गतिरोध पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों का रास्ता बाधित है, लेकिन भारत कूटनीति के माध्यम से अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और ऊर्जा जरूरतों को समय पर पूरा करने के लिए संवाद का सहारा ले रहा है।
भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार
ऊर्जा सुरक्षा पर देश को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है।
रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व : वर्तमान क्षमता 53 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन करने की योजना है।
आयात विविधीकरण : पिछले दशक में भारत ने तेल आयात के लिए अपनी निर्भरता 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक फैला दी है।
वैकल्पिक स्रोत : भारत अब किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं है और विभिन्न क्षेत्रों से एलपीजी (LPG) व कच्चे तेल की खेप लगातार भारत पहुंच रही है। Edited by : Sudhir Sharma
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