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सनातनियों की लड़ाई से बाबा रामदेव भी नाराज, कब और कैसे खत्म होगा शंकराचार्य विवाद?

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, शनिवार, 24 जनवरी 2026 (13:10 IST)
Baba Ramdev news in hindi : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज माघ मेले में पिछले 7 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। योगी सरकार से उनके विवाद से देशभर में सनातन पर चर्चा हो रही है। रामभद्राचार्य, अनिरुद्धाचार्य, देवकीनंदन ठाकुर, धीरेंद्र शास्त्री समेत कई संत और कथावाचक इस मामले पर अपने विचार रख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस विवाद का अंत कब और कैसे होगा? इस बीच योगगुरु बाबा रामदेव ने भी मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं। ALSO READ: शंकराचार्य विवाद में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, कहा- सनातन का मजाक न बनाएं
 
उन्होंने कहा कि हम पहले से ही भारत विरोधी, सनातन विरोधी ताकतों से जूझ रहे हैं। ऐसे में हमें आपस में नहीं लड़ना चाहिए। ये देश विरोधी तत्व पीएम मोदी और अमित शाह को नुकसान पहुंचाने के लिए सबकुछ कर रहे हैं। ऐसे में हमारे संतों को भी हमारे नेताओं के खिलाफ मन में नाराजगी नहीं रखनी चाहिए।
 
बाबा रामदेव ने कहा कि गायों को बचाना सभी हिंदुओं की साझा जिम्मेदारी है। उन्हें सिर्फ नारेबाजी से नहीं बचाया जा सकता। पतंजलि पीठ एक लाख गायों की देखभाल कर रही है। शंकराचार्यों को भी अपने आश्रम में गायों की देखभाल करनी चाहिए। ALSO READ: शंकराचार्य विवाद के बीच गरजे CM योगी, किसे बताया कालनेमि, कौन था यह मायावी राक्षस?
 
इससे पहले बाबा रामदेव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ माघ मेले में हुई बदसलूकी की घटना को गलत बताया था। उनका कहना था कि ऐसा व्यवहार किसी के साथ भी नहीं किया जाना चाहिए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे अपने योगियों और पूजनीय संतों को भी अपमानजनक या अपशब्दों का सामना करना पड़ता है। ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है, न केवल शंकराचार्य के लिए, बल्कि किसी भी साधु के लिए। हर आदमी को अपने गौरव और गरिमा का ध्यान खुद रखना चाहिए।
 
बाबा रामदेव ने कहा कि शंकराचार्य जी को हम भगवान शंकर का विग्रहमान स्वरूप मानते हैं तो शंकराचार्य जी की तरफ से कोई विवाद न हो ऐसी हम अपेक्षा करते हैं। साधु हैं वो विवाद किस बात का, कम से कम किसी धर्मस्थान पर तो विवाद नहीं होना चाहिए, तीर्थ में किस बात का विवाद? न यहां कोई स्नान का विवाद होना चाहिए, न कोई पालकी का विवाद होना चाहिए।
edited by : Nrapendra Gupta

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