Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 (18:12 IST)
Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 (18:57 IST)
PM Modi holds telephonic conversation with President of Iran : अमेरिका-इसराइल और ईरान सैन्य संघर्ष के 22वें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने ईद और नवरोज के मुबारक मौके पर राष्ट्रपति पेजेश्कियन को बधाई दी। भारतीय नागरिकों को ईरानी सहयोग के लिए ईरान की सराहना की। मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर भी की चर्चा। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत में क्षेत्र में अहम बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की, जो कि जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी दी।
भारतीय नागरिकों को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?
अमेरिका-इसराइल और ईरान सैन्य संघर्ष के 22वें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने ईद और नवरोज के मुबारक मौके पर राष्ट्रपति पेजेश्कियन को बधाई दी। भारतीय नागरिकों को ईरानी सहयोग के लिए ईरान की सराहना की कि वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर भी की चर्चा। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का सीजन पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने की हमलों की निंदा
साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत में क्षेत्र में अहम बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की, जो कि जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखने और शिपिंग मार्गों को खुला व सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य संघर्ष से समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बाधित हो गया है, हालांकि कुछ देशों के जहाज़ों को यहां से गुज़रने दिया जा रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को दी थी मौजूदा स्थिति की जानकारी
12 मार्च को राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी थी और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने आवश्यक वस्तुओं और एनर्जी के बिना रुकावट के आने-जाने की अहमियत पर जोर दिया था और कहा था कि रुकावटों से भारत की अर्थव्यवस्था और इलाके की स्थिरता पर दूरगामी असर हो सकते हैं।
इन देशों के नेताओं से भी बातचीत कर चुके हैं प्रधानमंत्री मोदी
संघर्ष शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कई अन्य देशों के नेताओं से भी बातचीत की है। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया के नेता शामिल हैं। इन सभी से बात कर प्रधानमंत्री ने शांति को लेकर भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने सबसे एक ही बात कही कि 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' के रास्ते ही समाधान निकाला जा सकता है।
22 दिन बाद भी नहीं निकला कोई समाधान
यूएस-इसराइल के ईरान पर संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद से ही इस क्षेत्र में काफी तनाव है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली अयातुल्ला खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारी हमले का शिकार हुए हैं। 22 दिन बाद भी किसी समाधान पर कोई पक्ष आगे नहीं बढ़ा है। मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य संघर्ष से समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बाधित हो गया है, हालांकि कुछ देशों के जहाज़ों को यहां से गुज़रने दिया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour
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