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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'आर्ट ऑफ लिविंग' के 45वें स्थापना दिवस समारोह को करेंगे संबोधित

182 देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से बनेंगे भारत के सबसे व्यापक आध्यात्मिक आंदोलन के साक्षी

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Prime Minister Narendra Modi will address 45th Foundation Day celebrations of Art of Living
भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 'आर्ट ऑफ लिविंग' की स्थापना के 45 वर्ष पूर्ण होने और इसके संस्थापक, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस के ऐतिहासिक उपलक्ष्य पर आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे। भारत के इस सबसे दूरगामी मानवीय एवं आध्यात्मिक आंदोलन के साढ़े चार दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस वैश्विक समागम में 182 से अधिक देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित होंगे।

यह आयोजन समाज के हर वर्ग राजनेताओं, सिविल सेवकों, किसानों, इंजीनियरों, गृहिणियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाएगा, जो गुरुदेव के दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के वैश्विक प्रभाव का एक अनूठा उत्सव होगा।

आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना वर्ष तथा गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी के 70वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 मई को 'आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' बेंगलुरु का दौरा करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्तव्य देंगे तथा नव-निर्मित ‘ध्यान मंदिर’ एक विशेष ध्यान कक्ष का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित राष्ट्रव्यापी सेवा पहलों का भी शुभारंभ करेंगे।
 

संस्था के विषय में

वर्ष 1981 में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा स्थापित 'आर्ट ऑफ लिविंग' आज एक वैश्विक, स्वयंसेवक-आधारित मानवीय और शैक्षिक संगठन बन चुका है। 182 देशों में सक्रिय यह संस्था 'सुदर्शन क्रिया' जैसी परिवर्तनकारी श्वास तकनीकों और सतत विकास के क्षेत्र में अपनी अग्रणी ठोस पहलों के माध्यम से अब तक 100 करोड़ से अधिक जीवन को स्पर्श कर चुकी है।
 

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

  • शासन, व्यवसाय, मीडिया, शिक्षा, कला-संस्कृति और नागरिक समाज में नैतिकता पर केंद्रित वैश्विक नेतृत्व संवाद और शिखर सम्मेलन।
  • 182 देशों की विविध संस्कृतियों को प्रस्तुत करते हुए संगीत, नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित सांस्कृतिक महोत्सव।
  • 13 मई 2026 को गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के मार्गदर्शन में ‘विश्व शांति हेतु वैश्विक ध्यान’ सभी के लिए निःशुल्क और विश्वभर में सीधा प्रसारित।
  • भारत के 450 से अधिक जिलों में कार्यरत अनसुने दैनिक नायकों (Unsung Heroes) को सम्मानित करने के विशेष समारोह।
  • विभिन्न क्षेत्रों और सार्वजनिक सेवाओं में अधिक मानवीय और सतत व्यवस्थाएं विकसित करने पर केंद्रित नीति एवं विषयगत गोलमेज चर्चाएं।
  • 25–26 मई को ‘बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार’ पर विशेष गोलमेज, इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य जेलों में सुधार की सर्वोत्तम पद्धतियों को रेखांकित करना तथा कैदियों के पुनर्वास में 'आर्ट ऑफ लिविंग' के कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करना होगा।

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान’, जिसमें सभी सात बिम्सटेक देशों के युवा नेता ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ में केंद्रित नेतृत्व प्रशिक्षण (लीडरशिप इमर्शन) हेतु एकत्र होंगे। 

आयोजन का महत्‍व 

वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के बीच इस तरह के आयोजनों का महत्त्व केवल औपचारिकता से कहीं अधिक है। दशकों से आर्ट ऑफ लिविंग भारत के सांस्कृतिक ज्ञान के एक सशक्त संवाहक के रूप में कार्य कर रहा है, जिसने प्राचीन भारतीय ज्ञान को करोड़ों लोगों के जीवन का व्यावहारिक अनुभव बनाया है। संस्था की 45 वर्षों की यात्रा विश्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सांस्कृतिक नेतृत्व की गाथा के साथ गहराई से जुड़ी हुई है।
 

प्रमुख वक्तव्य

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
'आर्ट ऑफ लिविंग' ने लोगों को जागरूकता, करुणा और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर कार्य करना सिखाया है। यही वास्तव में योग का मूल स्वरूप है और यही कारण है कि आज जब विश्व चिंता, संघर्ष और विखंडन के समाधान खोजता है, तो उसकी दृष्टि बढ़ते हुए भारत की ओर जाती है।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर
एक स्वस्थ समाज की पहचान है- हर चेहरे पर मुस्कान। यही लक्ष्य है, जिसके लिए हम पिछले 45 वर्षों से निरंतर प्रयासरत हैं।


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