लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक व्यक्ति ने उनके दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस उन्हें सौंपा। अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दौरे के दूसरे दिन विकास सिंह नामक एक व्यक्ति ने फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा। विकास ने यह लाइसेंस सहेजकर रखा हुआ था। हालांकि इसकी वैद्यता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं और विवाद खडा हो गया है।
बता दें कि रायबरेली प्रीमियर लीग के आयोजक मंडल के सदस्य विकास सिंह ने बताया कि वर्षों पहले एक कार्यक्रम के दौरान उनके ससुर को अचानक यह ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। तब से उन्होंने इसे सहेजकर रखा हुआ है। सिंह ने कहा कि उनके ससुर की जब मृत्यु हो गई तो उसके बाद उनकी सास ने भी इसे संभाल कर रखा।
हालांकि इस ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर अब विवाद भी हो गया। सवान उठ रहे हैं कि इस ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता जांचने के साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि इसे सौंपने वाले व्यक्ति के पास यह कहां से आया। क्या राहुल गांधी अपनी विजिट को इवेंट बनाने के लिए खुद ही यह लेकर नहीं आए थे? मंत्री ने इस घटना को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए संदेह जताया कि कहीं यह सब पूर्व नियोजित तो नहीं था।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी दो दिवसीय रायबरेली दौरे पर आए थे। इस दौरान रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में विकास सिंह ने मंच पर फिरोज गांधी का यह दशकों पुराना ड्राइविंग लाइसेंस उन्हें सौंपा। लाइसेंस को देखकर राहुल भावुक हो गए और उन्होंने तुरंत इसकी फोटो लेकर अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी को भेजा। परिवार ने बताया कि यह लाइसेंस कई साल पहले एक कार्यक्रम के दौरान उनके ससुर को मिला था, जिसे वे अमानत की तरह संभालकर रखे हुए थे।
Edited By: Navin Rangiyal