Publish Date: Thu, 04 Jun 2026 (12:47 IST)
Updated Date: Thu, 04 Jun 2026 (12:56 IST)
पिता ने लिया था 3 लाख का कर्ज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख रुपए का कर्ज लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां coaching कर सके। एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया। फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आज भी कुर्सी पर हैं धर्मेंद्र प्रधान
उन्होंने कहा कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है। और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं। फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जांच। न सुधार, न न्याय।
युवा पीढ़ी चुका रही है कीमत
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मऊगंज की आकांक्षा चतुर्वेदी ने 20 मई को आत्महत्या कर ली थी। वह नागपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। आत्महत्या के कुछ दिनों बाद परिवार को उसका हस्तलिखित पत्र मिला था। इसमें उसने अपने माता पिता से माफी मांगी थी। पत्र में उसने कहा था कि दोबारा नीट की परीक्षा देने का साहस नहीं बचा।
edited by : Nrapendra Gupta
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