khatu shyam baba

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

भारत को बेच दिया... शर्म नहीं आती? राहुल गांधी के भाषण से संसद में कोहराम

Advertiesment
Rahul Gandhi Parliament Speech
Rahul Gandhi Parliament Speech: संसद के बजट सत्र के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर तीखे जुबानी हमले किए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि पीएम की आंखों में डर दिख रहा है और सरकार ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में देश के हितों का 'सरेंडर' कर दिया है। राहुल के इन आरोपों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और स्पीकर ने राहुल को टोकते हुए कहा कि वे बिना सबूत के और नियमों के खिलाफ बोल रहे हैं। राहुल गांधी के भाषण पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। 

प्रधानमंत्री आंख नहीं मिला पा रहे

राहुल गांधी ने सदन में अमेरिका के साथ हुई हालिया व्यापारिक संधि (Trade Deal) को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अब विपक्षी नेताओं से आंख नहीं मिला पाते हैं क्योंकि उनकी आंखों में डर है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के दरवाजे अमेरिका के लिए इस कदर खोल दिए हैं कि अब हमारे फैसले वाशिंगटन में लिए जा रहे हैं।

पीएम पर सरेंडर का आरोप 
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका हमें यह क्यों बता रहा है कि हम किससे तेल खरीदें और किससे नहीं? क्या हम एक संप्रभु राष्ट्र नहीं हैं? राहुल ने कहा कि यह ट्रेड डील पूरी तरह से सरेंडर है और इतिहास में कोई भी प्रधानमंत्री ऐसी डील नहीं कर सकता जैसी इस सरकार ने की है।

सत्ता पक्ष का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि राहुल सदन की मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और बिना किसी तथ्यात्मक सबूत के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि राहुल को इन आरोपों को साबित करना होगा। उन्होंने कहा कि देश को न तो कोई बेच सकता है और न कोई खरीद सकता है। स्पीकर ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदस्यों को नियमों के दायरे में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए। भाजपा सांसदों ने राहुल के बयानों को 'तथ्यहीन' और 'देश को गुमराह करने वाला' करार दिया।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

ग़ाज़ा : बमबारी और हवाई हमलों से आम फिलिस्तीनियों पर जोखिम, यूएन की चेतावनी