C Sadanandan Master news in hindi : राज्यसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद सी सदानंदन मास्टर ने सदन की मेज पर अपने कृत्रिम पैर रख दिए। भाजपा सांसद का कहना था कि वह देश और जनता को यह दिखाना चाहते हैं कि आखिर लोकतंत्र क्या है? जानिए क्या है उनका केरल कनेक्शन?
उन्होंने कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र का शोर मचा रहे हैं, उन्होंने 31 साल पहले जब मैं घर लौट रहा था तो संगठित अपराधियों ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मुझे सड़क पर गिराकर 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए मेरे पैर काट दिए। उन्होंने इसका आरोप माकपा के कार्यकर्ताओं पर लगाया। इसका माकपा सदस्यों ने जमकर विरोध किया।
1994 में हुआ था सदानंदन पर हमला
बताया जा रहा है कि बीजेपी के राज्य सभा सदस्य ने जिस घटना का जिक्र अपने भाषण में किया वो 25 जनवरी 1994 की है। उस दिस कन्नूर जिले में स्थित उनके घर के पास उन पर हमला हुआ था। इस हमले के बाद उनके दोनों पैर काटने पड़े थे।
कौन हैं सी सदानंदन मास्टर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले सदानंद को 2025 में राष्ट्रपति ने राज्य सभा का सदस्य मनोनीत किया था। वे केरल के त्रिशूर जिले के एक हाई स्कूल शिक्षक हैं। वो 1999 से पेरामंगलम के श्री दुर्गा विलासम हायर सेकेंडरी स्कूल में सामाजिक विज्ञान पढ़ाते थे।
असम के गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी कॉम और केरल के कालीकट विश्वविद्यालय से बी एड की डिग्री लेने वाले सदानंदन केरल में नेशनल टीचर्स यूनियन के उपाध्यक्ष हैं। सी सदानंदन अपने कॉलेज के दिनों में माकपा के छात्र विंग स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) से जुड़े हुए थे। लेकिन 1984 में वो एसएफआई छोड़कर आरएसएस में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्हें कुन्नुर जिले का सरकार्यवाह बनाया गया था।
बीजेपी ने उन्हें 2016 और 2021 के चुनाव में कन्नूर जिले की कूत्तुपरम्बा विधानसभा सीट से टिकट दिया था। दोनों ही चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जुलाई 2025 में सी सदानंदन मास्टर को राज्य सभा के लिए मनोनीत किया था। उनके साथ महाराष्ट्र के सरकारी वकील उज्जवल देवराव निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन सिंगला, इतिहासकार मिनाक्षी जैन को भी राज्य सभा के लिए मनोनीत किया गया था।
edited by : Nrapendra Gupta