Publish Date: Wed, 25 Mar 2026 (13:50 IST)
Updated Date: Wed, 25 Mar 2026 (14:08 IST)
Ram Navami Date in Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में इस वर्ष भी रामनवमी का पर्व अद्वितीय उत्साह के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के बीच तिथि को लेकर बनी जिज्ञासा को शांत करते हुए श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि जन्मोत्सव 27 मार्च को पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। दूसरी ओर, प्रशासन 'मिशन मोड' में तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास ने वेबदुनिया को बताया कि अयोध्या राम मंदिर में राम जन्मोत्सव मनाने के लिए भव्य पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। अयोध्या में रामनवमी का महत्व अद्वितीय है। यहां रामनवमी मनाना मात्र एक रस्म नहीं है, बल्कि यह एक गहन भावनात्मक अनुभव है, जहां आस्था, इतिहास और भक्ति का संगम होता है। यह पवित्र दिन राम नाम जप, भव्य आरती और शोभायात्राओं के साथ पूरे नगर को दिव्य लोक में परिवर्तित कर देता है।
दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति
राम भक्तों का मानना है कि जिस स्थान पर भगवान राम का जन्म हुआ था, वहां प्रार्थना करने से उन्हें दिव्य आशीर्वाद मिलेगा साथ ही उनकी मनोकामनाओं की पूर्ति भी होगी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अयोध्या राजा दशरथ की राजधानी थी और यहीं भगवान राम ने अपने दिव्य रूप में अवतार लिया था। अयोध्या नगर सदियों से रामभक्तों का केंद्र रहा है और संतों, तीर्थयात्रियों और विद्वानों को आकर्षित करता रहा है।
व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री की नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में रामनवमी के भव्य आयोजन हेतु 'मिशन मोड' में सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित कर रहे हैं। मंदिर परिसर की सुरक्षा हेतु ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। एंटी-ड्रोन कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। गर्मी को देखते हुए पेयजल की व्यवस्था, छांव के लिए शेड और गोल्फ कार्ट का संचालन किया जा रही है। दर्शन के लिए ग्रीन कार्पेट बिछाए गए हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या के मंदिरों और मठों में रामचरितमानस का पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के दिव्य जन्म को समर्पित एक विशेष मध्याह्न आरती आयोजित की जाती है, जहां हजारों भक्त इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनते हैं। मंदिर परिसर के भीतर अभिषेक, श्रृंगार और वैदिक मंत्रोच्चार सहित पवित्र जन्म अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं।
श्रीराम जन्मोत्सव की रस्में
आध्यात्मिक गीत, राम कथा पाठ और आध्यात्मिक जुलूस दिन भर अयोध्या की सड़कों को जाम कर देते हैं। इस अवसर पर प्रमुख मंदिरों और घाटों को फूलों, दीपों और पारंपरिक सजावटों से खूबसूरती से सजाया गया है। अयोध्या में शाम के समय दीपोत्सव शैली की रोशनी से जगमगा उठती है, जो एक शांतिपूर्ण आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करती है, जिसे श्रद्धालु अपने जीवन में कभी नहीं भूलेंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
About Writer
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। ....
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