Publish Date: Sat, 07 Feb 2026 (13:49 IST)
Updated Date: Sat, 07 Feb 2026 (14:01 IST)
Ram Rahim Parole: सलाखें वही हैं, कानून भी वही है, लेकिन डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के लिए जेल के दरवाजे बार-बार खुल रहे हैं। बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों में उम्रकैद की सजा काट रहा यह 'रॉकस्टार धर्मगुरु' एक बार फिर पैरोल पर बाहर है। रिकॉर्ड बताते हैं कि सजा के पिछले 9 सालों में वह एक साल से ज्यादा का समय जेल के बाहर गुजार चुका है, जो भारतीय न्याय प्रणाली और राजनीतिक गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में शायद ही किसी सजायाफ्ता मुजरिम को इतनी 'राहत' मिली हो। गुरमीत राम रहीम सिंह, जो कभी खुद को फिल्मों में 'मैसेंजर ऑफ गॉड' कहता था, शनिवार को उसे एक बार फिर पैरोल मिल गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 से अब तक वह 400 से अधिक दिन जेल की चारदीवारी से बाहर बिता चुका है।
रिहाई का चुनाव से संबंध?
राम रहीम की रिहाई का समय अक्सर उन राज्यों के चुनावों से मेल खाता है जहां उसके अनुयायियों की संख्या लाखों में है। विश्लेषकों का मानना है कि यह 'वोट बैंक' की राजनीति का नतीजा है, हालांकि सरकार और डेरा प्रबंधन इसे कैदी का कानूनी अधिकार बताते हैं।
पीड़ित परिवारों का दर्द
न्याय की यह लुका-छिपी उन परिवारों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है जिन्होंने सालों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति का कहना है कि हर बार राम रहीम का बाहर आना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। वे सवाल करते हैं कि क्या आम कैदियों के मामले में भी सिस्टम इसी तरह की 'सद्भावना' दिखाता है?
पैरोल मिलने की अनिवार्य शर्तें
जेल के अंदर कैदी का आचरण कैसा रहा है? क्या उसने जेल के नियमों का पालन किया? राम रहीम को अक्सर उसके अच्छे व्यवहार के आधार पर ही पैरोल की रिपोर्ट मिलती है। आमतौर पर पैरोल तभी मिलती है जब कैदी अपनी सजा का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 1 या 3 साल) काट चुका हो। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट ली जाती है कि क्या उस कैदी के बाहर आने से इलाके में 'लॉ एंड ऑर्डर' (कानून-व्यवस्था) बिगड़ने का खतरा तो नहीं है। कैदी को भारी सुरक्षा राशि (Bail Bond) जमा करनी पड़ती है और दो 'जमानतदारों' की गारंटी देनी होती है कि वह समय पर वापस आएगा।
कब कब जेल से बाहर आया राम रहीम?
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2020 (अक्टूबर) : 1 दिन
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2021 (मई) : 1 दिन
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2022 (फरवरी) : 21 दिन
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2022 (जून) : 30 दिन
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2022 (अक्टूबर) : 40 दिन
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2023 (जनवरी) : 40 दिन
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2023 (जुलाई) : 30 दिन
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2023 (नवंबर) : 21 दिन
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2024 (जनवरी) : 50 दिन
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2024 (अगस्त) : 21 दिन
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2024 (अक्टूबर) : 20 दिन
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2025 (जनवरी) : 21 दिन
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2025 (मई) : 20 दिन
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2025 (सितंबर) : 21 दिन
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2026 (फरवरी) : 20 दिन
Edited by: Vrijendra Singh Jhala