नहीं जानते कब वह रेप कर दे, तो क्या सभी पुरुषों को जेल में डाल दें
आवारा कुत्तों के मामले में supreme court की टिप्पणी पर एक्ट्रेस राम्या के बयान से बवाल
पूर्व लोकसभा सदस्य और अभिनेत्री दिव्या स्पंदना उर्फ राम्या ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों और सार्वजनिक सुरक्षा पर की गई टिप्पणी पर इंस्टाग्राम के जरिए तीखा रिएक्शन दिया है। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने लिखा कि 'आदमी के दिमाग को भी नहीं पढ़ सकते, नहीं जानते कब वह रेप कर दे' तो क्या सभी पुरुषों को जेल में डाल देना चाहिए?'
सुप्रीम कोर्ट ने इस टिप्पणी पर दिव्या स्पंदना ने इसे पुरुषों के व्यवहार से जोड़ते हुए लिखा कि अगर कुत्ते के मूड को पढ़ना मुश्किल है, तो पुरुषों के इरादों का अंदाजा लगाना भी असंभव है। उन्होंने कहा कि पुरुष के दिमाग को भी नहीं पढ़ सकते- नहीं जानते कब वह रेप/मर्डर कर दे तो क्या सभी पुरुषों को जेल में डाल दें?
पहले भी दे चुकी हैं विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब राम्या ने किसी सामाजिक मुद्दे पर मुखर प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले भी उन्होंने कई बयान दिए हैं। रेणुका स्वामी हत्या मामले में उन्होंने अभिनेता दर्शन की गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि 'कानून से ऊपर कोई नहीं' और 'किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। '
उन्होंने लिखा था कि आप लोगों को मारते-पीटते नहीं घूम सकते। एक साधारण शिकायत काफी होती है, चाहे आपको न्याय मिलने में भरोसा हो या नहीं। इसके बाद राम्या को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर रेप और जान से मारने की धमकियां मिली थीं। उन्होंने बेंगलुरु पुलिस में 43 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कई गिरफ्तारियां भी हुईं।
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर में आवारा कुत्तों और मवेशियों को लेकर नगर निगमों की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि सड़क पर जानवरों के कारण लोगों की सुरक्षा जोखिम में रहती है।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि यदि कुत्तों की जगह पर अतिक्रमण होगा तो वे हमला करेंगे। इस पर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि यह सिर्फ काटने का मुद्दा नहीं है, बल्कि सड़क पर कुत्तों से होने वाला खतरा भी गंभीर है।
उन्होंने कहा कि आप कैसे पहचानेंगे कि कौन-सा कुत्ता किस मूड में है? सुबह उसका मूड क्या होगा, यह भी नहीं पता। तीन जजों की बेंच- न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजरिया- इस मामले की सुनवाई कर रही थी। अदालत ने पिछले वर्ष नवंबर में निर्देश दिया था कि अस्पताल, स्कूल, खेल परिसर, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें नसबंदी और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के बाद शेल्टरों में रखा जाए।
देशभर में हुआ विरोध
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर में आवारा कुत्तों को हटाने के फैसले के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और कोर्ट के आदेश का विरोध किया। इस प्रदर्शन में गायक मोहित चौहान और एक्टर राहुल भी शामिल हुए थे। Edited by: Sudhir Sharma