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रवींद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग ने रचा इतिहास: ‘फ्रॉम अक्रॉस द डार्क’ रिकॉर्ड 10.73 करोड़ में नीलाम

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

मुंबई/नई दिल्ली , शनिवार, 20 दिसंबर 2025 (14:19 IST)
Ravindranath Tagore Painting : भारतीय कला जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की 1937 की उत्कृष्ट कृति, ‘फ्रॉम अक्रॉस द डार्क’ (From Across the Dark) ने नीलामी में सफलता के नए झंडे गाड़ दिए हैं। अस्तागुरु (AstaGuru) की हालिया नीलामी में यह पेंटिंग 10.73 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड कीमत पर बिकी, जो टैगोर की किसी भी कलाकृति के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है।
 
नीलामी की मुख्य बातें
अस्तागुरु द्वारा आयोजित “ऐतिहासिक कालजयी कृतियों” (Historic Masterpieces) की नीलामी 14 से 17 दिसंबर तक चली। इस नीलामी को कला संग्रहकर्ताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली:
 
100% बिक्री: नीलामी में रखे गए सभी 87 लॉट (कलाकृतियां) बिक गए।
 
कुल कारोबार: नीलामी से कुल 163.65 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई।
 
सबसे महंगी पेंटिंग: हालांकि टैगोर ने अपना व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया, लेकिन नीलामी में सबसे महंगी बिकने वाली कृति तैयब मेहता की “अनटाइटल्ड (जेस्चर)” रही, जो लगभग 53.54 करोड़ रुपए में नीलाम हुई।
 
‘फ्रॉम अक्रॉस द डार्क’ की खासियत
पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट और नीलामी घर के बयान के अनुसार, यह पेंटिंग केवल कैनवस पर रंगे हुए रंग नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं का एक गहरा दस्तावेज है:
 
रचना काल: इसे जून 1937 में टैगोर के अल्मोड़ा प्रवास के दौरान चित्रित किया गया था।
विषय: यह कृति उनके जीवन के अंतिम चरण की 'अंतर्मुखी शैली' (Introspective Style) को दर्शाती है। इसमें अंधेरे, प्रकाश, दुख और सांत्वना जैसे गहरे विषयों का समावेश है।
दृश्य: पेंटिंग में अंधेरे में बैठे एक अकेले व्यक्ति और परछाइयों से बाहर निकलते दूसरे व्यक्ति को दिखाया गया है, जो उम्र और एकांत की मनोवैज्ञानिक तीव्रता को बयां करता है।
 
"यह कृति असाधारण ऐतिहासिक और भावनात्मक गूंज रखती है... जो व्यक्तिगत क्षति और लंबे अनुभव से आकार लेती है।" — अस्तागुरु नीलामी घर
 
अन्य कलाकारों ने भी बनाए नए रिकॉर्ड
टैगोर के अलावा, इस नीलामी में अन्य दिग्गज भारतीय कलाकारों की कृतियों ने भी नई ऊंचाइयां छुईं:
 
कृष्ण खन्ना: उनकी प्रसिद्ध 'बाइबिल' श्रृंखला की कृति “द लास्ट सपर” 10.22 करोड़ रुपए से अधिक में बिकी।
सदानंद के. बाकरे: उनकी दुर्लभ कृति “मोनालिसा” ने 2.30 करोड़ रुपए के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया।
वाल्टर लैंगहैमर: पुराने बॉम्बे के तटीय परिदृश्य को दर्शाने वाली उनकी पेंटिंग 56.96 लाख रुपए में बिकी, जो इस कलाकार के लिए अब तक की सर्वाधिक कीमत है।
 
भारतीय कला बाजार में बढ़ता रुझान
अस्तागुरु के मार्केटिंग डायरेक्टर, मनोज मनसुखानी ने इस सफलता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संग्रहकर्ताओं की यह प्रतिक्रिया आधुनिक भारतीय कला के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि का प्रमाण है। नीलामी में मंजीत बावा, जे. स्वामीनाथन, एफ.एन. सूजा, जैमिनी रॉय और गणेश पाइन जैसे अन्य दिग्गजों की कृतियां भी शामिल थीं।

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