Tejashwi Yadav questions exit polls: जर्नो मिरर सर्वे एजेंसी को छोड़ तो ज्यादातर एग्जिट पोल एजेंसियां बिहार में एनडीए की सरकार बना रही हैं। इस बीच, महागठबंधन के मुख्यमंत्री फेस और राजद नेता तेजस्वी यादव ने सभी एग्जिट पोल को नकारते हुए कहा कि सब कुछ प्रधानमंत्री कार्यालय से सेट है। यह मतगणना के दिन अधिकारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का प्रयास है।
पटना में मीडिया से चर्चा करते हुए तेजस्वी ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि कहा कि इस बार बिहार में बदलाव होने जा रहा है। 14 नवंबर को परिणाम आएगा और 18 नवंबर को शपथ ग्रहण होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के लोग बौखला गए हैं। यादव ने कहा कि इस बार 2020 की तुलना में 72 लाख लोगों ने अधिक मतदान किया है। हर विधानसभा में 30 हजार से अधिक लोगों ने मतदान किया है।
एग्जिट पोल के नतीजों पर सवाल : एग्जिट पोल के नतीजों पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि इसका मानक क्या है? सैम्पल सर्वे के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली बार मतगणना को धीमा करने की कोशिश की गई थी, पिछली बार बेईमानी भी हुई थी। इस बार क्लीन स्वीप होगा और राज्य में महागठबंधन की सरकार बनेगी।
उन्होंने कहा कि इस बार मतगणना में बेईमानी नहीं होने दी जाएगी। यदि काउंटिंग में बेईमानी हुई तो जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। तेजस्वी ने दावा किया हमें बहुत ही सकारात्मक सूचना मिली है। 1995 से भी बेहतर फीडबैक मिला है। सभी मतदाताओं ने सरकार के खिलाफ वोट डाला है। इस बार बदलाव होने जा रहा है।
एकमात्र पोल जो महागठबंधन को जिता रहा है : उल्लेखनीय है कि ज्यादातर एग्जिट पोल के नजीजों में दावा किया है कि एक बार फिर बिहार में एनडीए की सरकार बन सकती है। दूसरी ओर, 'जर्नो मिरर नामक एजेंसी द्वारा कराए गए एग्जिट पोल में राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ महागठबंधन की सरकार बनती दिखाई दे रही है। इस पोल में महागठबंधन को 130 से 140 सीटें, एनडीए को 100 से 110 सीटें, AIMIM को 3 से 4 सीटें और अन्य को 0 से 3 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
यह एग्जिट पोल 38 जिलों के 150 विधानसभा क्षेत्रों में 15 हजार से अधिक मतदाताओं की राय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों के मतदाताओं की राय जानी गई है। सर्वे में कहा गया है कि महागठबंधन को बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता का समर्थन मिला है, जबकि एनडीए को सत्ता विरोधी लहर का कुछ असर झेलना पड़ा है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटों की जरूरत होगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala