Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 (16:17 IST)
Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 (16:22 IST)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को अपने पद से रिटायरमेंट और संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ी बात कही। मुंबई में संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने स्पष्ट किया कि वे पद के मोह में नहीं हैं और संगठन के आदेश पर ही काम कर रहे हैं।
भागवत ने कहा कि जहां तक मेरी बात है, मेरे 75 साल पूरे हुए गए, तो मैंने कार्यकर्ताओं से कहा, कि मेरा हो गया लेकिन उन्होंने कहा कि आपको क्या हो गया है? आप घूम रहे हैं, काम कीजिए" तो मैं रोक गया। मैं यहां हूं यह मेरी मर्जी नहीं है। अगर मैं यहां नहीं रहूं तो यह भी मेरा ऑप्शन नहीं होता, यह संघ का ऑप्शन है। जिम्मेदारी से रिटायर होने के बाद भी, संघ का काम जिंदगी भर चलता रहता है।
पद के लिए कोई चुनाव नहीं होता
मोहन भागवत ने कहा कि संघ प्रमुख के पद के लिए कोई चुनाव नहीं होता, बल्कि क्षेत्रीय और विभागीय प्रमुख इसकी नियुक्ति करते हैं। सामान्यतः यह माना जाता है कि 75 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति को बिना किसी पद के काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैंने 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं और संघ को इस बारे में सूचित भी कर दिया था, लेकिन संगठन ने मुझे काम जारी रखने को कहा है। जिस दिन संघ कहेगा, मैं पद छोड़ दूंगा। हालांकि, काम से संन्यास कभी नहीं होगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि संघ अपने स्वयंसेवक के रक्त की अंतिम बूंद तक काम लेता है।
प्रचार और अहंकार पर चेतावनी
संघ प्रमुख ने स्वीकार किया कि RSS खुद के प्रचार में पीछे रहा है, लेकिन इसके पीछे एक ठोस वजह है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक प्रचार से अहंकार आता है, जिससे खुद को बचाना जरूरी है। प्रचार तो बारिश की तरह होना चाहिए- सही समय पर और सही मात्रा में। उन्होंने जोर दिया कि संघ का असली काम 'संस्कार' देना है, न कि केवल अभियान चलाना।
अंग्रेजी भारतीय भाषा नहीं
भाषा के मुद्दे पर भागवत ने दो टूक कहा कि अंग्रेजी कभी भी संघ में संवाद का माध्यम नहीं बनेगी क्योंकि यह 'भारतीय भाषा' नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अंग्रेजी में महारत हासिल करनी चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी मातृभाषा भूल जाएं। जहाँ जरूरत होती है, हम वहां अंग्रेजी का उपयोग करते हैं, हम इसके विरोधी नहीं हैं।
यूसीसी पर क्या बोले भागवत
समान नागरिक संहिता (UCC) पर उन्होंने कहा कि इसे सबको विश्वास में लेकर बनाया जाना चाहिए ताकि इससे मतभेद पैदा न हों। भारत-अमेरिका के हालिया व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि सौदे हमेशा 'बराबरी' के होने चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसमें हमारा नुकसान न हो।
AI और रोजगार की चुनौती
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम नई तकनीक को आने से नहीं रोक सकते। हमें इसका मास्टर बनना होगा और इसे इस तरह अपनाना होगा कि यह रोजगार को नकारात्मक रूप से प्रभावित न करे। भागवत ने लोगों से अपील की कि वे अवैध घुसपैठियों को पहचानें और पुलिस को रिपोर्ट करें। उन्होंने चिंता जताई कि हिंदू समुदाय कम वेतन वाली नौकरियों को छोड़ रहा है, जिससे घुसपैठियों के लिए इन क्षेत्रों में जगह बन रही है। वीर सावरकर: सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर उन्होंने कहा कि यदि सावरकर को यह सम्मान मिलता है, तो इससे खुद 'भारत रत्न' पुरस्कार की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। Edited by : Sudhir Sharma