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डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ पर बोले RSS प्रमुख भागवत, उन्हें डर लगने लगा है

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
शुक्रवार, 12 सितम्बर 2025 (17:22 IST)
Mohan Bhagwat on Trump tariffs: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि भारत पर ‘टैरिफ’ इस डर से लगाया गया है कि अगर यह देश मजबूत हो गया तो उनके साथ क्या हो सकता है। ऐसे कदम आत्मकेंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम हैं। टैरिफ के चलते भारत और अमेरिका के रिश्तों में भी गिरावट आई है। 
 
संघ प्रमुख ने कहा कि दुनिया के लोग इस बात से भयभीत हैं कि यदि भारत मजबूत हुआ तो उनके साथ क्या होगा और उनकी स्थिति क्या होगी। इसीलिए भारतीय वस्तुओं पर ‘टैरिफ’ लगाए गए हैं, लेकिन हमने कुछ नहीं किया। जब आप सात समुद्र दूर हैं और कोई संपर्क नहीं है, तो डर क्यों? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत ‘टैरिफ’ लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीद पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क भी शामिल है। भारत ने इसे ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ करार दिया है। ALSO READ: भारत पर 100 फीसदी टैरिफ पर अड़े ट्रंप को EU का झटका, अब G7 पर बनाया दबाव
 
... तो सभी मुद्दे सुलझ जाएंगे : नागपुर में ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर के सातवें स्थापना दिवस पर मोहन भागवत ने कहा कि जब तक मनुष्य और राष्ट्र अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, तब तक वे समस्याओं का सामना करते रहेंगे। अगर हम करुणा दिखाएं और भय पर विजय पाएं, तो हमारा कोई शत्रु नहीं रहेगा। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अगर मनुष्य अपना रवैया ‘मैं’ से ‘हम’ में बदल लें तो सभी मुद्दे सुलझ जाएंगे।
 
भारतीयों को महान बनाने का प्रयास करें : उन्होंने कहा कि आज दुनिया समाधान खोज रही है, क्योंकि अपनी अधूरी दृष्टि के कारण वह आगे बढ़ने का रास्ता नहीं खोज पा रही है। ‘सिर्फ मैं’ के दृष्टिकोण के कारण उनके लिए रास्ता खोजना असंभव है। भागवत ने कहा कि भारत विश्व की समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने और आगे का रास्ता दिखाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत महान है और भारतीयों को भी महान बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत बड़ा है तथा वह और बड़ा होना चाहता है। ALSO READ: ट्रंप टैरिफ को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान, बोले- प्रधानमंत्री मोदी देश के दुश्मन बन गए हैं...
 
भागवत ने कहा कि भारतीयों में अपनेपन की प्रबल भावना होती है और वे अभाव के समय में भी खुश और संतुष्ट रहते हैं। उन्होंने कहा कि कोई कमी नहीं होनी चाहिए, लेकिन अगर है भी तो समय आने पर बदल जाएगी। फिर भी, कठिनाई और दुख में भी, यहां के लोग इसी अपनत्व की भावना के कारण संतुष्ट रहते हैं।
 
ट्रंप का दोगलापन : उल्लेखनीय है कि ट्रंप के रुख में हाल में नरमी दिखाई दी है, लेकिन परदे के पीछे से वे भारत को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे एक तरफ मोदी को अच्छा दोस्त कहते हैं, लेकिन दूसरी तरफ यूरोपीय संघ और जी 7 देशों को भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के लिए दबाव बनाते हैं। इतना ही नहीं ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो और उनके वित्त मंत्री भारत पर लगातार निशाना साध रहे हैं। ऐसे में ट्रंप की हरकतों में दोस्ती कम और दोगलापन ज्यादा नजर आता है। 
Edited by: Vrijendar Singh Jhala 

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