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Mohan Bhagwat : हिन्दू 3 बच्चे पैदा करें, RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान, घर वापसी का काम तेज होना चाहिए

UGC की नई गाइडलाइंस पर आया RSS चीफ मोहन भागवत का बयान

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Mohan Bhagwat
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने हिन्दुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा कि हिन्दुओं के कम से कम 3 बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। भागवत ने UGC गाइडलाइन को लेकर भी बयान दिया। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। उन्होंने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक में कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिन्दू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए हैं। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए।
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जो लोग हिन्दू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। उन्होंने विदेशी शक्तियों से चेताते हुए कहा कि अमेरिका-चीन जैसे देशो में बैठे कुछ लोग हमारी सदभावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। ऐसी विदेशी शक्तियों से हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे दुःख दर्द में शामिल होना होगा।
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मोहन भागवत ने कहा कि यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक जी ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।
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घुसपैठ को लेकर जताई चिंता 

बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए भागवत ने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। यह बात हमारे परिवारों में नव दंपतियों को बताई जानी चाहिए। विवाह का मकसद सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है। Edited by : Sudhir Sharma

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