Jaishankar met with Emmanuel Macron : तेजी से बदलते भू राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर फ्रांस दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने आज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और व्यापार में सहयोग बढ़ रहा है। मुलाकात में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक मुद्दों और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों मंत्रियों ने मुख्य रूप से एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के लिए आधार तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया।
खबरों के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर फ्रांस दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने आज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और व्यापार में सहयोग बढ़ रहा है। मुलाकात में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक मुद्दों और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों मंत्रियों ने मुख्य रूप से एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के लिए आधार तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया।
जयशंकर की फ्रांस यात्रा अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को एक सैन्य अभियान में पकड़ने पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं की पृष्ठभूमि में हो रही है। विदेश मंत्री जयशंकर ने मैक्रों की आगामी भारत यात्रा का भी जिक्र किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे। वे नई दिल्ली में आयोजित एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेंगे।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक स्तर पर भारत एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति मैक्रों के जल्द ही भारत आने की उम्मीद कर रहे हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि पिछले वर्ष फ्रांसीसी कूटनीति की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि पेरिस में आयोजित एआई समिट में दुनियाभर के देश शामिल हुए और इस पहल को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर आगे बढ़ाया गया।
जयशंकर ने कहा कि भारत और फ्रांस न केवल द्विपक्षीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी एक-दूसरे के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के समर्थक हैं और ब्रिक्स, जी-7 और जी-20 जैसे मंचों पर उनकी साझेदारी वैश्विक राजनीति को स्थिरता प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है।
Edited By : Chetan Gour