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मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव ने पार्टी का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। पवार परिवार के संकट के समय उनके साथ मजबूती से खड़ी रहने वाली राखी जाधव का इस तरह पाला बदलना शरद पवार के लिए मुंबई में एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
मुंबई: मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आगामी चुनावों से ठीक पहले 'महासंग्राम' शुरू हो गया है। शरद पवार गुट की निष्ठावान नेता और मुंबई ईकाई की अध्यक्ष राखी जाधव सोमवार (29 दिसंबर 2025) को भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
क्यों अहम है राखी जाधव का इस्तीफा?
मुंबई का चेहरा: राखी जाधव को शरद पवार ने उस समय मुंबई की कमान सौंपी थी, जब पार्टी विभाजन (अजित पवार के अलग होने) के बाद सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थी।
घाटकोपर में मजबूत पकड़: वह घाटकोपर (पूर्व) इलाके से पूर्व पार्षद रही हैं और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।
रणनीतिक नुकसान: महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच अध्यक्ष का ही साथ छोड़ देना पार्टी के मनोबल को गिराने वाला कदम है।
पुराना संदर्भ: जब संकट में पवार का साथ निभाया था! अक्टूबर 2023 में जब अजित पवार ने बगावत की थी, तब शरद पवार ने राखी जाधव पर भरोसा जताते हुए उन्हें मुंबई का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। उस समय राखी ने कसम खाई थी कि वह शरद पवार के साथ अंतिम सांस तक रहेंगी।
अक्टूबर 2023: राखी जाधव को मुंबई NCP (शरद पवार गुट) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
लोकसभा चुनाव 2024: उन्होंने मुंबई में पार्टी के आधार को मजबूत करने और गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
भाजपा को क्या होगा फायदा?
भाजपा पिछले लंबे समय से BMC पर कब्जा करने के लिए "मिशन मुंबई" पर काम कर रही है।
मराठी वोट बैंक: भाजपा को उत्तर-पूर्वी मुंबई के मराठी बहुल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी।
विपक्षी खेमे में सेंध: चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन (MVA) को कमजोर दिखाने में भाजपा को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिली है।
राखी जाधव का बयान: "मैंने हमेशा निष्ठा से काम किया, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और विकास के एजेंडे को देखते हुए मैंने भाजपा के साथ चलने का निर्णय लिया है।"
Edited By: Navin Rangiyal