Publish Date: Fri, 29 May 2026 (19:40 IST)
Updated Date: Fri, 29 May 2026 (20:01 IST)
Karnataka Congress Politics: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब सिद्धारमैया ने बड़ी डिमांड रख दी है। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने अपने बेटे और MLC यतींद्र सिद्धारमैया को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग रखी है। माना जा रहा है कि उनकी मांग को मानने में भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी कोई आपत्ति नहीं होगी। क्योंकि यदि यतीन्द्र को डिप्टी सीएम बना दिया जाता है तो सिद्धारमैया कभी भी डीके के आड़े नहीं आएंगे और उन्हें काम करने में आसानी होगी।
अब बेटे के भविष्य की चिंता
गौरतलब है कि एक दिन पहले गुरुवार को ही सिद्धारमैया ने CM पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को राज्यपाल ने थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके बाद राज्य में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने जा रास्ता साफ हो गया है। डीके का मुख्यमंत्री बनना तो तय ही है, लेकिन सरकार और मंत्रिमंडल के गठन को लेकर दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का तर्क है कि सिद्धारमैया इस मांग के माध्यम से अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं।
खरगे, सोनिया और राहुल से मुलाकात
सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके घर पर मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे, केजे जॉर्ज और उनके बेटे यतींद्र भी मौजूद थे। इससे पहले सिद्धारमैया ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया और राहुल गांधी से भी मुलाकात की।
कैबिनेट विस्तार पर भी फंसा पेंच
सिद्धारमैया सिर्फ अपने बेटे के लिए ही नहीं, बल्कि अपने वफादार नेताओं के लिए भी कोशिश कर रहे हैं। एक जानकारी के मुताबिक उन्होंने आलाकमान को बताया है कि वरिष्ठ नेता जॉर्ज और जी. परमेश्वर ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ऐसे में इन दोनों कद्दावर नेताओं को डीके की नई कैबिनेट में महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया जाना चाहिए। पदों का बंटवारा नए मुख्यमंत्री डीके के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
इस्तीफे के बाद क्या कहा था सिद्धा ने?
सिद्धरमैया ने लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा था कि पार्टी के कहने पर उन्होंने यह कदम उठाया है। मैंने बार-बार कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मेरी राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है, मैं राज्य में रहकर ही अपना कार्यकाल पूरा करना चाहता हूं। इसी के चलते उन्होंने राज्यसभा जाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
About Writer
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।....
और पढ़ें