छोटी सी दुकान से 52 एकड़ तक के विवि तक, कौन हैं Galgotias University के मालिक
किताब की दुकान से करोड़ों के यूनिवर्सिटी बिजनेस तक : कौन हैं सुनील गलगोटिया?
Publish Date: Fri, 20 Feb 2026 (18:31 IST)
Updated Date: Fri, 20 Feb 2026 (19:02 IST)
ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) इन दिनों सोशल मीडिया पर भारी आलोचनाओं का सामना कर रही है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि उसके स्टाफ और छात्रों ने कैंपस में ही 'सॉकर ड्रोन' (Soccer Drone) को पूरी तरह से खुद तैयार किया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह विवाद उसी दिन शुरू हुआ, जब नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) में यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित किए गए 'रोबोटिक कुत्तों' की असलियत पर भी सवाल उठे और उन्हें एक्सपो एरिया से बाहर जाने के लिए कह दिया गया।
आखिर कौन हैं गलगोलिया यूनिवर्सिटी के मालिक और कैसे उन्होंने इतना बड़ा एपांयर खड़ा किया। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक और चांसलर सुनील गलगोटिया (Suneel Galgotia) हैं, जिन्होंने एक छोटी किताबों की दुकान से शुरुआत कर आज हजारों करोड़ का एजुकेशन साम्राज्य खड़ा किया। मीडिया में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक गलगोटिया (Galgotias University) की स्थापना 2011 में हुई। इसके सीईओ ध्रुव गलगोटिया हैं, जो सुनील गलगोटिया के बेटे हैं। यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित एक निजी राज्य विश्वविद्यालय है और यूजी, पीजी व पीएचडी कोर्स के लिए जानी जाती है।
बताया जाता है कि सुनील गलगोटिया का पारिवारिक बैकग्राउंड किताबों से जुड़ा रहा। 1930 में उनके परिवार की कनॉट प्लेस में 'ईडी गलगोटिया एंड संस' नाम से किताबों की दुकान थी। मीडिया खबरों के मुताबिक एक छोटी बुक शॉप से शुरू हुआ सफर आज करीब 3000 करोड़ रुपए के एजुकेशन ग्रुप में बदल चुका है। आज ग्रेटर नोएडा में 52 एकड़ में इसका कैंपस है।
सुनील गलगोटिया की पढ़ाई सेंट कोलंबा स्कूल और फिर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से हुई। 1980 के दशक में उन्होंने गलगोटिया पब्लिकेशंस शुरू की। 2000 में उन्होंने सिर्फ 40 छात्रों के साथ गलगोटियाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की शुरुआत की।
इसके बाद गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग और फिर 2011 में यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। एक जानकारी के मुताबिक इस ग्रुप में 40,000 से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं, 40 से अधिक देशों से स्टूडेंट आते हैं और 1 लाख से ज्यादा एलुमनाई 96 देशों में काम कर रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma