Special Intensive Revision (SIR) News in hindi : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग से उत्तरप्रदेश और केरल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर विचार करने को कहा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि अकेले उत्तरप्रदेश में मतदाता सूची से 25 लाख नाम हटा दिए गए हैं।
चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर को उत्तरप्रदेश में गणना अवधि संशोधित करते हुए अंतिम तिथि 26 दिसंबर कर दी थी और मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 31 दिसंबर तय की गई है। पीठ ने दलीलों पर गौर किया और चुनाव आयोग को जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध वाले किसी भी आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने को कहा।
पति का नाम है तो पत्नी का नहीं
कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि कुछ मामलों में पति का नाम तो है लेकिन पत्नी का नहीं है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि मतदाता सूची संशोधन की समयसीमा भी समाप्त हो रही है। आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि ये मामले निर्वाचन आयोग पर छोड़ दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि समयसीमा पहले ही बढ़ाई जा चुकी है। मामले में एक वकील ने जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और फिर भी चुनाव आयोग पर्याप्त समय नहीं दे रहा है। Edited by : Sudhir Sharma