Supreme Court News in Hindi : भारत के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि फरियादी इमरजेंसी में आधी रात को भी सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं। उनके लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे अब आधी रात को भी खुले रहेंगे।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी नागरिक को कानूनी इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है या जांच एजेंसियों द्वारा अजीब समय पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है, तो वह व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए आधी रात को भी संवैधानिक अदालतों से सुनवाई की मांग कर सकेगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मेरा प्रयास सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को जनता की अदालतें बनाने का है, ताकि लीगल इमरजेंसी में किसी भी समय अदालत से संपर्क किया जा सके।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि कई अहम संवैधानिक मुद्दों से जुड़ी पेंडिंग याचिकाओं से निपटने के लिए जितनी हो सके उतनी संविधान बेंचें स्थापित की जाएं। उन्होंने इस मामले में चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का उदाहरण दिया। यह मामला बिहार से शुरू हुआ और अब एक दर्जन राज्यों में चल रहा है।
इधर, सीजेआई ने जल्द न्याय सुनिश्चित करने और इंसाफ के लिए नया सिस्टम लागू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में कामकाज में सुगमता, जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए एसओपी जारी की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें उसके समक्ष पेश होने वाले वकीलों द्वारा दलीलों और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।
edited by : Nrapendra Gupta