rashifal-2026

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

राजा भैया और पत्नी भानवी सिंह के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, क्या कहा हाईकोर्ट से

Advertiesment
हमें फॉलो करें Supreme Court order in Raja Bhaiya Bhanvi Kumari case

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, सोमवार, 19 जनवरी 2026 (13:53 IST)
Raja Bhaiya Bhanvi Singh case: जनसत्ता दल के मुखिया और उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को आदेश दिया है कि वह इस मामले में चार महीने में अपना फैसला सुनाए। 
 
यह मामला भानवी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई घरेलू हिंसा की शिकायत से जुड़ा है। यह मामला फिलहाल निचली अदालत में लंबित है। पूर्व में निचली अदालत ने राजा के खिलाफ समन जारी किया था, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने यह रोक 2024 में लगाई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। 
 

क्या हैं भानवी सिंह के आरोप?

उल्लेखनीय है कि राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। वर्ष 2025 में एक सोशल मीडिया पोस्ट में भानवी सिंह ने आशंका व्यक्त की थी कि उनकी हत्या हो सकती है। उन्होंने राजा भैया पर गवाहों को धमकाने का आरोप भी लगाया है। राजा भैया की पत्नी ने अपनी पोस्ट में लिखा था- गवाहों को तो डराया-धमकाया जा सकता है, लेकिन सबूतों को कैसे झुठलाया जा सकता है। उस समय राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी ने भी अपनी मां के समर्थन में सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। 
 

कौन हैं राजा भैया?

राजा भैया, जिनका असली नाम कुंवर रघुराज प्रताप सिंह है, जो कि यूपी के एक प्रमुख और प्रभावशाली राजनेता हैं। उन्हें राज्य की राजनीति में एक 'बाहुबली' नेता के तौर पर भी जाना जाता है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1969 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुआ था।  वे प्रतापगढ़ जिले की भदरी रियासत के उत्तराधिकारी हैं। उनके पिता का नाम उदय प्रताप सिंह है।
 
 राजा भैया प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट से 1993 से लगातार निर्दलीय विधायक के रूप में जीतते रहे हैं। वे अब तक सात बार इस सीट से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। वे यूपी की भाजपा और समाजवादी पार्टी, दोनों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। साल 2018 में उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाई, जिसका नाम 'जनसत्ता दल लोकतांत्रिक' है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा