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बंगाल में SIR पर Supreme Court का बड़ा फैसला, विरोध के बीच ममता को लगा झटका, कब आएगी अंतिम वोटर लिस्‍ट?

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Supreme Court's big decision on SIR case in Bengal
West Bengal Special Intensive Revision case : पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर उच्‍चतम न्‍यायालय ने बड़ा फैसला लिया है। खबरों के अनुसार, न्‍यायालय ने आज बंगाल एसआईआर में सिविल जजों को भी लगाने का निर्देश दिया है और कहा कि अगर फिर भी न्यायिक अधिकारियों की कमी होती है तो पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड से उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया जाए, ताकि जांच जल्दी पूरी हो सके। उच्‍चतम न्‍यायालय ने यह फैसला ऐसे समय दिया है, जबकि प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध जताया था। इस बीच वह कोर्ट में भी आ पहुंची थीं। लेकिन अब न्‍यायालय के इस फैसले से  मुख्‍यमंत्री बनर्जी को झटका लगा है। 
 

चुनाव आयोग उठाएगा जजों का खर्च

पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर उच्‍चतम न्‍यायालय ने बड़ा फैसला लिया है। न्‍यायालय ने आज बंगाल एसआईआर में सिविल जजों को भी लगाने का निर्देश दिया है और कहा कि अगर फिर भी न्यायिक अधिकारियों की कमी होती है तो पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड से उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया जाए, ताकि जांच जल्दी पूरी हो सके।
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इन जजों का खर्च चुनाव आयोग उठाएगा। उच्‍चतम न्‍यायालय ने यह फैसला ऐसे समय दिया है, जबकि प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध जताया था। इस बीच वह कोर्ट में भी आ पहुंची थीं।
 

मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को लगा झटका 

लेकिन अब न्‍यायालय के इस फैसले से मुख्‍यमंत्री बनर्जी को झटका लगा है। उच्‍चतम न्‍यायालय ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी जाए और अगर कुछ मामलों की जांच बाकी रह जाए तो बाद में अलग से नई लिस्ट जारी की जा सकती है। न्‍यायालय ने कहा कि 14 फरवरी तक जमा किए गए सभी कागजों पर विचार किया जाएगा।

याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा सुप्रीम कोर्ट

उच्‍चतम न्‍यायालय उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें एसआईआर की प्रक्रिया की वैधता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बंगाल सरकार ने दूसरे राज्यों से माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने का विरोध किया था, वहीं चुनाव आयोग ने दावा किया कि राज्य सरकार ने अधिकारी नहीं दिए, जिस वजह से दूसरे राज्यों से अधिकारी बुलाए गए।

बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच मतभेद

पिछली सुनवाई में एसआईआर के लिए अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच मतभेदों को देखते हुए उच्‍चतम न्‍यायालय ने कलकत्ता हाईकोर्ट को न्यायिक अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसे लेकर सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बताया कि एसआईआर की समय सीमा के हिसाब से पर्याप्त अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं।
Edited By : Chetan Gour

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