Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Malda उपद्रव मामले पर supreme court सख्त, SIR विवाद को लेकर अधिकारियों को बंनाया बंधक, CBI और NIA को जांच के आदेश

Advertiesment
Supreme Court West Bengal hostage case
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर गंभीर रुख अपनाया है, जहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)को निर्देश दिया है कि घटना की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) या नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंपी जाए।
कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सीधे अदालत में पेश करेगी। बुधवार को मालदा डिस्ट्रिक में ग्रामीणों ने तीन महिला अधिकारियों समेत सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक बंधक बनाए रखा। यह विवाद चुनावी सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने (SIR प्रक्रिया) के चलते भड़का। विवाद के बाद करीब रात 1 बजे अधिकारियों का रेस्क्यू किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। न्यायिक अधिकारियों पर दबाव बनाने या मानसिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश को आपराधिक अवमानना माना जाएगा।
साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि सुनवाई के दौरान सीमित संख्या में लोगों को ही प्रवेश दिया जाए और सभी प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूछा है कि समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए।
ALSO READ: Vladimir Putin : क्या पुतिन ट्रंप को ईरान युद्ध से निकालने में कर रहे गुप्त मदद? रूस-CIA संपर्क से बढ़ी हलचल
साथ ही अधिकारियों और उनके परिवार को किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षा मुहैया कराने को कहा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना के दौरान मालदा जिले में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। कई विधानसभा क्षेत्रों में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी सड़क जाम किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। इस बीच तृणमूल  कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि फॉर्म-6 के आवेदन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। Edited by : Sudhir Sharma

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

रामजी के दर पर अडाणी परिवार, अयोध्या में किए रामलला के दर्शन