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कौन हैं सुवेंदु अधिकारी? बन सकते हैं पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री, कहा जाता है बंगाल का योगी

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Suvendu Adhikari
Suvendu Adhikari Profile: पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद एक नाम प्रमुखता से सामने आया है और वह है सुवेंदु अधिकारी का। अधिकारी एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने न केवल टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की सत्ता को कड़ी चुनौती दी, बल्कि राज्य में भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद वे मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उन्हें 'भूमिपुत्र' और बंगाल का 'योगी' भी कहा जाता है। 
 
सुवेंदु अधिकारी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और मेदिनीपुर क्षेत्र के कद्दावर नेता माने जाते हैं। उनके भाई दिव्येंदु और सौमेंदु भी सांसद रह चुके हैं। उनके परिवार का बंगाल की राजनीति में दशकों तक दबदबा रहा है। 

नंदीग्राम के नायक

2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी। इसी आंदोलन ने वामपंथी शासन (CPI-M) की जड़ें हिला दी थीं और 2011 में ममता बनर्जी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया था। विशेषकर जंगल महल और तटीय क्षेत्रों में पकड़ के चलते उन्हें 'भूमपुत्र' (भूमिपुत्र) भी कहा जाता है। 
 
शुभेन्दु 2009 और 2014 में राज्य की तमलुक सीट से सांसद बने। 2016 से 2020 तक वे ममता बनर्जी सरकार में परिवहन और सिंचाई मंत्री रहे। दिसंबर 2020 में ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ मतभेदों के चलते उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए।

बुआ और भतीजा पर निशाना

टीएमसी छोड़ने के बाद उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस अब एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन गई है, जिसे बुआ और भतीजा चला रहे हैं। चुनावी सभाओं में भी वे ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधने में नहीं चूकते थे। वे अक्सर जनसभाओं में कहते थे कि बंगाल में कोई भी काम बिना 'भतीजा कर' (Tax) दिए बिना नहीं होता। हम इस सिंडिकेट राज को उखाड़ फेंकेंगे। आखिरकार उन्होंने यह कर भी दिखाया। 

मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार 

2026 के विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा की ओर से पहली पसंद दिखाई दे रहे हैं। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं। टीएमसी सरकार के समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। 2021 के चुनाव में उन्होंने मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर पटखनी दी थी। 2026 में एक बार फिर भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को शिकस्त दी। ये ऐसे ही कारण हैं जो शुभेन्दु अधिकारी को बंगाल में मुख्‍यमंत्री पद का सहज दावेदार बनाते हैं। 
 
अधिकारी न केवल एक जननेता हैं, बल्कि उनके पास बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की अद्भुत क्षमता है, खासकर दक्षिण बंगाल में। सुवेंदु को गृहमंत्री अमित शाह का भी बेहद करीबी माना जाता है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनके आक्रामक तेवरों ने भी दिल्ली दरबार में उनकी साख बढ़ाई है। चूंकि वे बंगाल में पूर्व में मंत्री रह चुके हैं, ऐसे में उनके पास शासन चलाने का प्रशासनिक अनुभव भी है।

इनसे मिल सकती है चुनौती

हालांकि भाजपा में दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार जैसे अन्य बड़े चेहरे भी हैं, जिनसे अधिकारी को चुनौती मिल सकती है।  यदि भाजपा आलाकमान यदि जमीनी नेता पर दांव लगाता है, तो सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। अधिकारी के बारे में एक रोचक तथ्य यह भी है कि राजनीति के लिए विवाह नहीं किया और वे अपना पूरा समय सार्वजनिक सेवा और संगठन को देते हैं। इसी वजह से उन्हें अक्सर 'बंगाल का योगी' भी कहा जाता है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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