Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 (13:03 IST)
Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 (13:10 IST)
इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या के ठीक 9 महीने बाद उसके परिवार में एक बच्चे का जन्म हुआ है। राजा की भाभी ने एक बेटे को जन्म दिया है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिस तिथि को राजा की हत्या हुई थी, उसी तिथि एकादशी को घर में बेटे का जन्म हुआ है। इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राजा की मौत 2 बजकर 40 मिनट पर हुई थी, जबकि बच्चे का जन्म उसी तिथि एकादशी को 2 बजकर 42 मिनट पर हुआ। वो भी ठीक नौ महीने के बाद। बेटे के जन्म रघुवंशी परिवार में खुशियां वापस आ गई हैं। परिवार इसे एक दैवीय संयोग मान रहा है। रहवासी और पडोसी भी इसे चमत्कार मान रहे हैं।
पुजारी ने की थी भविष्यवाणी : बता दें कि इसे लेकर एक पुजारी ने भविष्यवाणी थी। परिवार के मुताबिक राजा की तेहरवीं के समय कामाख्या मंदिर के पुजारी ने राजा के भाई विपिन से से कहा था कि राजा की मृत्यु अकाल और अस्वाभाविक थी, इसलिए उसकी आत्मा किसी न किसी रूप में परिवार में वापस लौट सकती है। नौ भाइयों के इस बड़े परिवार में अब सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है। विपिन का मानना है कि उनकी भाभी, जो राजा को छोटे भाई की तरह नहीं बल्कि बेटे की तरह स्नेह देती थीं, उन्होंने ही उसे दोबारा जन्म दिया है।
एकादशी और समय दे रहा गवाही : रघुवंशी परिवार में बेटे के जन्म पर जो संयोग सामने आया है उसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। परिवार भी बेटे के जन्म को इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक संकेत मान रहा है। परिजनों के अनुसार जिस दिन राजा की हत्या हुई थी, उस दिन भी एकादशी की तिथि थी और जिस दिन बेटे का जन्म हुआ उस दिन भी 29 मार्च को एकादशी ही थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जन्म का समय : इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला संयोग यह है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राजा की मृत्यु दोपहर 2:40 बजे के करीब हुई थी, जबकि इस घर में बेटे का जन्म भी दोपहर 2:42 बजे हुआ है। समय और तिथि के इस बेहद चौंकाने वाले संयोग को परिवार चमत्कार मान रहा है। परिवार को यह विश्वास हो गया है कि उनका बेटा राजा वापस लौट आया है।
बेटे का नाम रखा राजा : परिवार ने नए मेहमान का नाम बिना किसी ज्योतिषीय परामर्श या कुंडली देखे 'राजा' ही रखा है। राजा की मां उमा रघुवंशी भावुक होते हुए कहती हैं कि जब वे बच्चे को उसके नाम से पुकारती हैं, तो वह इस तरह प्रतिक्रिया देता है जैसे वह सबको पहले से पहचानता हो। मां ने इस खुशी को भोलेनाथ का आशीर्वाद बताया है। उनका कहना है कि जिस समय उनके बेटे ने प्राण त्यागे थे, लगभग उसी समय वो वापस लौटा है।
एक साल पहले हुई थी राजा की हत्या : बता दें कि 11 मई 2025 को राजा और सोनम का विवाह हुआ था, जिसके बाद 20 मई को वे मेघालय घूमने गए थे। वहां 24 मई को राजा लापता हो गए और काफी खोजबीन के बाद 2 जून को उनका शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। वर्तमान में मुख्य आरोपी राजा की पत्नी सोनम सहित राज कुशवाह, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी जेल की सलाखों के पीछे हैं। यह मामला पूरे देश में चर्चा में आया था। क्योंकि शादी के कुछ ही दिनों बाद आरोपी सोनम राजा को हनीमून के बहाने मेघालय ले गई थी, उसके बाद उसकी हत्या हो गई।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
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